अब बंजर या बेकार पड़ी जमीन किसानों की मुट्ठी में सोने का अंडा देने वाली मुर्गी बन सकती है। केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना के तहत ऐसी जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर हर साल 50 हजार रुपये से लेकर लाखों तक की निश्चित आय कमाई जा सकती है। पंजाब के लुधियाना जैसे इलाकों में बिजली सबस्टेशन की नजदीकी इस मौके को और आसान बना रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान फूंक रही है।

यह योजना खासतौर पर उन किसानों के लिए वरदान है जिनके पास खेती लायक न होने वाली जमीन पड़ी है। इसके तहत 500 किलोवाट से लेकर 2 मेगावाट तक के सोलर पावर प्लांट लगाए जा सकते हैं। इन प्लांट्स को बस 4-5 एकड़ जमीन की जरूरत पड़ती है। प्लांट से बनी बिजली स्थानीय बिजली कंपनियों को बेची जाती है और किसानों को पूरे 25 साल का बिजली खरीद समझौता मिलता है। इससे आय की कोई चिंता नहीं रहती। मिसाल के तौर पर, एक मेगावाट का प्लांट सालाना 50 लाख रुपये तक कमा सकता है, क्योंकि प्रति यूनिट बिजली की कीमत 3 से 4 रुपये के बीच होती है। अगर जमीन किराए पर देने का मन हो, तो प्रति एकड़ 40 से 60 हजार रुपये सालाना मिलने लगते हैं।
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कौन ले सकता है लाभ?
पात्रता की शर्तें बहुत सरल रखी गई हैं। जमीन बिजली सबस्टेशन से महज 5 किलोमीटर दूर होनी चाहिए। आवेदन कोई भी कर सकता है चाहे अकेला किसान हो, किसान समूह हो, पंचायत हो या उत्पादक संगठन। जमीन का कोई न्यूनतम आकार तय नहीं है, बस प्लांट के हिसाब से जगह होनी चाहिए। खास बात यह है कि सोलर प्लांट के नीचे हल्की फसलें जैसे दालें या सब्जियां भी उगाई जा सकती हैं, जिससे आय दोगुनी हो जाती है। पंजाब सरकार इसमें अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दे रही है।
पैसे की चिंता छोड़िए
सबसे बड़ी राहत वित्तीय मदद में है। सरकार केंद्र और राज्य स्तर पर मिलकर 60 प्रतिशत तक की सहायता देती है। बैंक 30 प्रतिशत लोन कम ब्याज पर उपलब्ध कराते हैं, जबकि किसान को सिर्फ 10 प्रतिशत राशि खुद लगानी पड़ती है। बड़े बैंकों से लोन आसानी से स्वीकृत हो रहा है। योजना से लाखों किसान पहले ही लाभ उठा चुके हैं।
आवेदन कैसे करें? नया आसान तरीका
2026 में प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और तेज बना दिया गया है।
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट या राज्य पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें।
- आधार कार्ड, जमीन के कागजात जैसे जमाबंदी और खसरा नंबर, साथ ही सबस्टेशन का विवरण अपलोड करें।
- विभाग जमीन का सर्वे करेगा और मंजूरी देगा।
- इसके बाद निर्माण कंपनी चुनी जाएगी, जो प्लांट लगाएगी।
पूरी प्रक्रिया 2-3 महीनों में निपट जाती है। लुधियाना के किसान अभी से आवेदन भर रहे हैं।
किसानों की उम्मीदें बढ़ीं
लुधियाना के एक किसान हरप्रीत सिंह कहते हैं, “मेरी 5 एकड़ बंजर जमीन पर प्लांट लगेगा तो सालाना ढाई लाख की कमाई होगी। यह सपना सच होने जैसा है।” यह योजना न सिर्फ आय बढ़ा रही है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण की रक्षा भी कर रही है।
आगे की राह
कुछ किसानों को जमीन माप या तकनीकी बातों में भ्रम हो सकता है, लेकिन ऑनलाइन हेल्पलाइन और प्रशिक्षण शिविर इसका हल हैं। पंजाब सरकार ट्रेनिंग कैंप चला रही है। बंजर जमीन को ऊर्जा का केंद्र बनाकर किसान नई जिंदगी शुरू कर सकते हैं। देर न करें, आज ही आवेदन करें।















