
अगर आप भी अपनी गाड़ी से रोज़ाना सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है भारत सरकार आगामी 1 अप्रैल, 2026 से देश के फ्यूल स्टैंडर्ड में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव करने जा रही है पेट्रोलियम मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, देशभर के पेट्रोल पंपों पर अब साधारण पेट्रोल की जगह केवल RON 95 (E20) पेट्रोल ही उपलब्ध होगा।
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क्या है RON 95 पेट्रोल?
RON का अर्थ होता है ‘रिसर्च ऑक्टेन नंबर’। सरल शब्दों में कहें तो यह पेट्रोल की गुणवत्ता और उसकी शुद्धता को मापने का पैमाना है।
- अभी तक सामान्यतः भारत में 91 ऑक्टेन वाला पेट्रोल इस्तेमाल होता रहा है।
- RON 95 एक प्रीमियम और उच्च गुणवत्ता वाला ईंधन है, जो इंजन के अंदर बेहतर तरीके से जलता है।
- इसमें 20% एथेनॉल का मिश्रण (E20) होगा, जिससे ईंधन की कार्यक्षमता बढ़ जाती है।
सरकार ने क्यों लिया यह बड़ा फैसला?
मोदी सरकार ने इस बदलाव के पीछे तीन मुख्य रणनीतिक कारण बताए हैं:
- 20% एथेनॉल मिश्रण वाला यह ईंधन कम कार्बन उत्सर्जन करता है, जिससे शहरों में प्रदूषण के स्तर में भारी गिरावट आने की उम्मीद है।
- भारत अपनी जरुरत का 85% कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है, एथेनॉल मिश्रण से विदेशी मुद्रा की भारी बचत होगी और देश ‘आत्मनिर्भर’ बनेगा।
- एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने की लुगदी और खराब अनाज से बनता है, इस पहल से सीधे तौर पर देश के किसानों को फायदा होगा।
क्या आपकी गाड़ी के लिए सुरक्षित है यह तेल?
इस नए नियम के लागू होने के बाद वाहन मालिकों के मन में कई सवाल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार:
- नई गाड़ियां (BS-VI Phase 2): साल 2023 के बाद बनी अधिकांश गाड़ियां पहले से ही E20 और RON 95 के अनुकूल हैं, इन्हें इस ईंधन से बेहतर ‘पिकअप’ और स्मूथ ड्राइविंग अनुभव मिलेगा।
- पुरानी गाड़ियां: बहुत पुरानी गाड़ियों के माइलेज में 3% से 7% तक की मामूली गिरावट देखी जा सकती है, हालांकि, तकनीकी रुप से यह इंजन के लिए हानिकारक नहीं है, लेकिन लंबे समय में इसके रबर पार्ट्स की जांच कराना जरुरी हो सकता है।
1 अप्रैल से होने वाला यह बदलाव भारत के परिवहन क्षेत्र को ‘ग्रीन एनर्जी’ की ओर ले जाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है, हालांकि शुरुआती दौर में उपभोक्ताओं को थोड़ी सावधानी बरतनी होगी, लेकिन लंबी अवधि में यह पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए ‘सुपर फ्यूल’ साबित होगा।















