भारतीय रेलवे लाखों युवाओं के सपनों का केंद्र बना हुआ है। हर साल घोषित होने वाली भर्तियां नौकरी पाने की उम्मीद जगाती हैं। लेकिन कई लोग भ्रमित रहते हैं कि RRB और RRC आखिर हैं क्या और इनके जरिए कौन सी नौकरी पाई जा सकती है। आज हम इसकी गहराई से पड़ताल करते हैं ताकि आप सही दिशा में तैयारी शुरू कर सकें।

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RRB, ऊंचे पदों का रास्ता
रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड यानी RRB की शुरुआत 1985 में हुई थी। यह देश भर में 21 बोर्ड्स के जरिए काम करता है जो अलग अलग शहरों से जुड़े हैं। यहां ग्रुप C के पद भरे जाते हैं जो थोड़े ऊंचे दर्जे के होते हैं। मसलन स्टेशन मास्टर, जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट लोको पायलट और टिकट चेकर जैसे काम। इन नौकरियों में ग्रेड पे अच्छा मिलता है और वेतनमान भी आकर्षक होता है। शुरुआती बेसिक पे ही 20 हजार से ऊपर होता है। ये पद तकनीकी और प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालते हैं। प्रमोशन के रास्ते खुले रहते हैं जिससे करियर तेजी से आगे बढ़ता है।
RRC, आधारभूत स्तर की मजबूत नींव
दूसरी ओर रेलवे रिक्रूटमेंट सेल यानी RRC 2005 के आसपास जोनल स्तर पर शुरू हुआ। पूरे देश में 16 ऐसे सेल हैं जो अलग अलग रेलवे जोनों के लिए भर्ती करते हैं। यहां ग्रुप D के पदों पर फोकस रहता है। ट्रैक मेंटेनर, गेटमैन, हेल्पर और अप्रेंटिस जैसे काम इन्हीं के दायरे में आते हैं। ये निचले स्तर की नौकरियां हैं लेकिन स्थिरता प्रदान करती हैं। शारीरिक श्रम की जरूरत पड़ती है फिर भी पेंशन और अन्य भत्तों का फायदा मिलता है। वेतनमान ग्रुप C से कम होता है लेकिन शुरुआती कैरियर के लिए मजबूत आधार बनाता है।
दोनों के बीच मुख्य भेद
सबसे बड़ा अंतर पदों के स्तर में है। RRB राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर भर्ती करता है जबकि RRC खास जोन तक सीमित रहता है। RRB के पदों के लिए लिखित परीक्षा के बाद स्किल टेस्ट जरूरी होता है वहीं RRC में शारीरिक दक्षता परीक्षा भी शामिल होती है। आवेदन की प्रक्रिया दोनों में ऑनलाइन है। योग्यता आमतौर पर 10वीं पास या आईटीआई तक होती है। RRB में प्रतिस्पर्धा ज्यादा तीव्र होती है क्योंकि पद सीमित और आकर्षक होते हैं। RRC के मौके जोनल होने से थोड़े ज्यादा मिल सकते हैं।
भर्ती प्रक्रिया सरल लेकिन सख्त
दोनों ही परीक्षाओं में कंप्यूटर आधारित टेस्ट पहले आता है। उसके बाद दस्तावेज सत्यापन और चिकित्सा जांच। RRC में पुरुष उम्मीदवारों को दौड़ जैसे टेस्ट से गुजरना पड़ता है। नेगेटिव मार्किंग सभी परीक्षाओं में रहती है इसलिए सटीक तैयारी जरूरी। सिलेबस में गणित, सामान्य ज्ञान, विज्ञान और तर्कशक्ति शामिल होती है। आधिकारिक वेबसाइटों पर नोटिफिकेशन जारी होते ही आवेदन शुरू हो जाते हैं।
वर्तमान में क्या मौके हैं?
हाल ही में ग्रुप C और D की भर्तियां घोषित हुई हैं। लाखों पदों पर वैकेंसी हैं खासकर उत्तरी क्षेत्र में। ये नौकरियां बेरोजगारी के इस दौर में वरदान साबित हो सकती हैं। तैयारी करने वालों को सलाह है कि सिलेबस पर पकड़ बनाएं और पुराने पेपर सॉल्व करें। रेलवे नौकरी सिर्फ आय का साधन नहीं बल्कि सम्मान और स्थिरता का प्रतीक है।















