
नए बच्चे के जन्म की खुशी के बीच माता-पिता को अक्सर जन्म प्रमाण पत्र (बर्थ सर्टिफिकेट) बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों और अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। लंबी कतारें, कागजी कार्रवाई और देरी से परेशान होकर कई परिवार हार मान लेते हैं। लेकिन अब यह समस्या इतिहास बन चुकी है! सितंबर 2025 से लॉन्च हुए डिजिटल बर्थ सर्टिफिकेट सिस्टम के तहत आप घर बैठे, मोबाइल या कंप्यूटर से ही बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर सकते हैं। यह सुविधा Aadhaar से लिंक्ड है और crsorgi.gov.in जैसे केंद्रीय पोर्टल पर उपलब्ध है।
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डिजिटल क्रांति का नया अध्याय
भारत सरकार के नागरिक रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) ने डिजिटल बर्थ सर्टिफिकेट को रीलॉन्च किया है, जो अस्पतालों के बोझ को कम करता है। नए जन्मों के लिए अस्पताल स्वतः डेटा अपलोड करते हैं, और प्रमाण पत्र सीधे DigiLocker में आ जाता है। पुराने जन्मों के लिए भी ऑनलाइन अपडेट संभव है।
दिल्ली जैसे राज्यों में dmnorth.delhi.gov.in या ndmc.gov.in पोर्टल काम करते हैं, जबकि उत्तर प्रदेश और अन्य जगह crsorgi.gov.in मुख्य है। यह सुविधा पूरे देश में मान्य है और शिक्षा, पासपोर्ट, बैंक खाता या सरकारी योजनाओं के लिए इस्तेमाल हो सकती है।
स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
- पोर्टल पर पहुंचें: crsorgi.gov.in या dc.crsorgi.gov.in खोलें। Aadhaar से लिंक्ड मोबाइल नंबर से रजिस्टर/लॉगिन करें। राज्य पोर्टल चुनें, जैसे दिल्ली के लिए edistrict.delhi.gov.in या उत्तर प्रदेश के लिए crsorgi.gov.in।
- फॉर्म भरें: ‘नया जन्म प्रमाण पत्र’ या ‘Birth Registration’ लिंक पर क्लिक करें। बच्चे का नाम, जन्म तिथि-समय, स्थान (अस्पताल/घर), जिला, राज्य और माता-पिता के विवरण डालें। नाम बदलने या सुधार के लिए अलग से अप्लाई करें।
- दस्तावेज अपलोड करें: अस्पताल का बर्थ लेटर, माता-पिता का आधार कार्ड, मैरिज सर्टिफिकेट, पता प्रमाण (राशन कार्ड/वोटर आईडी) और बच्चे की फोटो स्कैन कॉपी अपलोड करें। पुराने जन्म (1 साल से ज्यादा) के लिए एफिडेविट या घोषणा पत्र लगाएं। कोई शुल्क नहीं या न्यूनतम ₹20-50।
- सबमिट और ट्रैक: फॉर्म क्रॉस-चेक कर सबमिट करें। ट्रैकिंग आईडी मिलेगी। वेरिफिकेशन (5 मिनट से 7-8 दिन) के बाद डिजिटल सर्टिफिकेट DigiLocker या ईमेल पर डाउनलोड करें। प्रिंटआउट भी वैलिड।
जरूरी दस्तावेज और टिप्स
- मुख्य दस्तावेज: अस्पताल प्रमाण पत्र, आधार, मैरिज सर्टिफिकेट। ग्रामीण क्षेत्रों में ANM/आशा कार्यकर्ता मदद कर सकते हैं।
- टिप्स: इंटरनेट न हो तो नजदीकी CSC सेंटर जाएं। फर्जी ऐप्स से बचें, हमेशा .gov.in साइट यूज करें। नाम/तारीख में गलती सुधार के लिए 30 दिनों के अंदर अप्लाई करें।
फायदे जो बदल देंगे जिंदगी
यह सिस्टम कागज रहित, टैंपर-प्रूफ और तुरंत उपलब्ध है। समय की बचत के साथ ग्रामीण-शहरी अंतर खत्म हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे 80% परेशानी कम हुई है। अब बच्चे का आधार, स्कूल एडमिशन या स्कॉलरशिप आसान। सरकार का लक्ष्य 2026 तक 100% डिजिटलीकरण।
चुनौतियां और समाधान
कुछ मामलों में देरी या दस्तावेज मिसिंग समस्या हो सकती है। हेल्पलाइन 1800-11-0400 या crsorgi.gov.in पर चैट यूज करें। दिल्ली में DM नॉर्थ कार्यालय मददगार है। जागरूकता अभियान से लाखों परिवार लाभान्वित हो चुके।















