लाखों अभिभावक आजकल परेशान हैं क्योंकि उनके बच्चों का आधार कार्ड ऐप या वेबसाइट पर अपडेट ही नहीं हो रहा। नया मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के बाद भी बायोमेट्रिक अपडेट का कोई विकल्प नजर नहीं आता। यह समस्या इसलिए बढ़ रही है क्योंकि स्कूल एडमिशन, सरकारी योजनाओं और अन्य सेवाओं के लिए अपडेटेड आधार जरूरी हो गया है। समय रहते सही कदम उठाएं तो मुश्किल आसानी से हल हो जाएगी।

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क्यों हो रही है परेशानी?
छोटे बच्चों का आधार कार्ड बनाते समय बिना फिंगरप्रिंट या आईरिस के जारी किया जाता है। यह माता-पिता के आधार से जुड़ा रहता है और सिर्फ बेसिक जानकारी जैसे नाम, जन्मतारीख और पता दर्ज होती है। पांच साल की उम्र पूरी होने पर बायोमेट्रिक डिटेल्स जोड़ना अनिवार्य हो जाता है। इसी तरह पंद्रह साल पर दोबारा अपडेट जरूरी होता है। ऐप पर नाम या मोबाइल नंबर बदल सकते हैं लेकिन बायोमेट्रिक के लिए विशेष उपकरण चाहिए जो सिर्फ नामांकन केंद्रों पर उपलब्ध हैं। ऑनलाइन ट्राई करने पर एरर आता है क्योंकि यह प्रक्रिया घर से पूरी नहीं हो सकती। देरी होने पर आधार निष्क्रिय हो सकता है जिससे कई सेवाएं रुक जाएंगी।
सबसे तेज समाधान आधार केंद्र
घर बैठे कोशिश करने के बजाय सीधे नजदीकी आधार सेवा केंद्र पहुंचें। यह पूरी प्रक्रिया मुफ्त है और आधे घंटे में निपट जाती है। पहले दस्तावेज इकट्ठा करें जैसे बच्चे का पुराना आधार कार्ड, माता-पिता के दोनों आधार, जन्म प्रमाण पत्र जिसमें माता-पिता का नाम हो और कोई पता प्रमाण। उसके बाद आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जाकर अपॉइंटमेंट बुक कर लें। केंद्र जाकर बच्चे के साथ बैठें, कर्मचारी बायोमेट्रिक लेंगे और तुरंत प्रक्रिया शुरू कर देंगे। कुछ मिनटों में एसएमएस से कन्फर्मेशन मिल जाएगा। कई जगह पोस्ट ऑफिस या स्कूलों में भी यह सुविधा चल रही है।
ऐप से वैकल्पिक सहायता लें
यदि ऐप में अपडेट बटन गायब लगे तो हेल्प सेक्शन खोलें। वहां से नजदीकी केंद्र ढूंढने या अपॉइंटमेंट बुक करने का ऑप्शन मिलेगा। नाम या पते जैसे छोटे बदलाव के लिए ऐप ही इस्तेमाल करें। डॉक्यूमेंट अपलोड करें, ओटीपी वेरिफाई करें और सबमिट कर दें। लेकिन याद रखें बायोमेट्रिक के लिए केंद्र ही जाना पड़ेगा। वेबसाइट पर लॉगिन करके स्टेटस भी चेक करते रहें ताकि प्रगति पता रहे।
समय पर कार्रवाई क्यों जरूरी
अपडेट न कराने से आधार ब्लॉक हो सकता है। इसका असर स्कूल फीस, छात्रवृत्ति, राशन कार्ड या पेंशन जैसी चीजों पर पड़ेगा। खासकर पंजाब जैसे क्षेत्रों में जहां डिजिटल सेवाएं तेजी से बढ़ रही हैं वहां यह और महत्वपूर्ण है। अभिभावक तुरंत बच्चे की उम्र चेक करें और जरूरी कदम उठाएं। हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके भी मार्गदर्शन ले सकते हैं।
सरकार लगातार जागरूकता अभियान चला रही है ताकि करोड़ों बच्चे समय पर अपडेट हो सकें। भ्रमित न हों और सही दिशा में आगे बढ़ें। इस तरह छोटी सी कोशिश से बड़ा फायदा होगा।















