
अगर आप भी हर महीने बिजली के भारी-भरकम बिल से परेशान हैं और आपको लगता है कि कम खपत के बावजूद बिल ज्यादा आ रहा है, तो यह खबर आपके लिए है, अक्सर उपभोक्ता शिकायत करते हैं कि बिजली विभाग की गड़बड़ी या मीटर की ‘चालाकी’ की वजह से उन्हें मोटी रकम चुकानी पड़ती है। लेकिन अब आप खुद मीटर की कुछ खास सेटिंग्स और रीडिंग को चेक करके अपने बिल को आधे से कम कर सकते हैं।
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‘kWh’ रीडिंग का खेल: कहीं आप भी तो नहीं दे रहे फालतू पैसा?
ज्यादातर लोग मीटर की स्क्रीन पर आने वाले हर आंकड़े को यूनिट समझ लेते हैं, बिजली मीटर में तारीख, समय और वोल्टेज जैसे कई डेटा चलते रहते हैं। बिलिंग के लिए केवल ‘kWh’ (Kilo-Watt Hour) की रीडिंग ही मान्य होती है।
- सावधानी: अपना बिल आने पर उसमें दर्ज ‘Current Reading’ का मिलान मीटर की ‘kWh’ वाली संख्या से करें। अगर बिल में दर्ज यूनिट मीटर की यूनिट से ज्यादा है, तो समझ लीजिए कि आपसे ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में आप तुरंत Consumer Grievance Redressal Forum पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
MDI रीडिंग: पेनल्टी से बचने का अचूक तरीका
क्या आप जानते हैं कि आपके मीटर में एक ‘MDI’ (Maximum Demand Indicator) नाम की रीडिंग भी होती है? यह रीडिंग ‘kW’ में दिखाई देती है। यह बताती है कि आपने पूरे महीने में एक साथ अधिकतम कितना लोड इस्तेमाल किया है।
- न्यूज़ अलर्ट: यदि आपका स्वीकृत लोड (Sanctioned Load) 2 किलोवाट है और आपकी MDI रीडिंग 2.5 किलोवाट चली गई, तो विभाग आप पर ‘ओवरलोडिंग’ की भारी पेनल्टी लगा देता है। इससे बचने के लिए भारी उपकरण जैसे AC, वॉशिंग मशीन और गीजर एक साथ न चलाएं।
पावर फैक्टर (PF) पर रखें नजर, घटेगी मीटर की रफ्तार
डिजिटल मीटर में ‘PF’ (Power Factor) एक बहुत महत्वपूर्ण इंडिकेटर है। इसका मान 0 से 1 के बीच होता है, अगर आपका PF 0.90 से नीचे जा रहा है, तो आपका मीटर तकनीकी रुप से ‘तेज’ दौड़ने लगता है, जिससे यूनिट ज्यादा बनती है।
- समाधान: बिजली विशेषज्ञों के अनुसार, घर में पुराने कंडेनसर बदलवाएं और हमेशा ISI मार्क वाले उपकरणों का ही प्रयोग करें ताकि PF मेंटेन रहे और बिल कम आए।
मीटर तेज है तो क्या करें?
अगर इन सब सावधानियों के बाद भी बिल कम नहीं हो रहा, तो हो सकता है कि मीटर में तकनीकी खराबी हो, इसके लिए आप अपने राज्य की बिजली कंपनी जैसे UPPCL या Tata Power की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘Meter Testing’ के लिए अप्लाई कर सकते हैं, थोड़ी सी जागरूकता आपके घर का बजट बिगड़ने से बचा सकती है। हर हफ्ते अपने मीटर की ‘kWh’ और ‘kW’ रीडिंग को ट्रैक करना शुरू करें और बिजली विभाग की किसी भी संभावित गलती को समय रहते पकड़ें।















