बिहार के किसानों के लिए एक क्रांतिकारी खबर है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तथा पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप और रूफटॉप सोलर पैनल पर भारी सब्सिडी उपलब्ध हो गई है। इससे खेती में बिजली और डीजल का खर्चा 40 प्रतिशत तक कम हो जाएगा, जिससे किसानों की आय में जबरदस्त इजाफा होगा। बिहार रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (BREDA) के माध्यम से यह योजना लागू हो रही है, और आवेदन प्रक्रिया अभी शुरू हो चुकी है।

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किसानों की लंबी प्रतीक्षा समाप्त
बिहार के ग्रामीण इलाकों में बिजली की अनियमित आपूर्ति और डीजल की बेतहाशा ऊंची कीमतें किसानों के लिए हमेशा सिरदर्द रही हैं। पारंपरिक इलेक्ट्रिक या डीजल पंपों पर निर्भरता के कारण सिंचाई का खर्चा सालाना 20 से 30 हजार रुपये तक पहुंच जाता था। लेकिन अब सोलर पंप लगाने से बावड़ी, कुएं या नदी से बिना किसी बिजली बिल के पानी निकाला जा सकेगा।
एक 2 किलोवाट के सोलर सिस्टम की कुल लागत करीब 1.40 लाख रुपये है, जिसमें से सरकार 60 हजार रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। किसान को मात्र 80 हजार रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह 1 किलोवाट सिस्टम पर 30 हजार और 3 किलोवाट या इससे अधिक पर 78 हजार रुपये की अधिकतम सहायता मिलेगी। बीपीएल, एससी-एसटी वर्ग के किसानों को अतिरिक्त छूट का प्रावधान है।
पर्यावरण और आय में दोगुना फायदा
यह योजना न केवल आर्थिक बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। डीजल पंपों का उपयोग बंद होने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, खासकर बिहार के सूखाग्रस्त जिलों जैसे मुजफ्फरपुर, सहरसा और वैशाली में। किसान अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर सालाना अच्छी कमाई भी कर सकेंगे। पीएम कुसुम योजना के तहत कुछ किसान 50 लाख रुपये तक की वार्षिक आय कमा सकते हैं। पटना के एक किसान रामविलास यादव ने बताया, “सोलर पंप लगाने के बाद मेरी खेती में क्रांति आ गई। अब बिजली बिल की चिंता ही नहीं रहती, फसलें भी बेहतर हो रही हैं।” विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2026 तक बिहार में 34,800 मेगावाट सोलर क्षमता जोड़ी जाएगी।
आवेदन कैसे करें?
आवेदन बहुत आसान है। सबसे पहले pmsuryaghar.gov.in या breda.bih.nic.in वेबसाइट पर जाएं। वहां ‘रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन’ विकल्प चुनें। आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, बिजली बिल और जमीन के कागजात अपलोड करें। अपनी डिस्कॉम (एनबीपीडीसीएल या एसबीपीडीसीएल) चुनें। एमएनआरई-अनुमोदित वेंडर का चयन करें। इंस्टॉलेशन के बाद इंस्पेक्शन होगा और 30 दिनों के अंदर सब्सिडी सीधे बैंक खाते में आ जाएगी। समय रहते आवेदन करें क्योंकि वेंडर्स का स्टॉक सीमित है।
भविष्य की सोलर क्रांति
यह योजना बिहार की खेती को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। सरकार का लक्ष्य हर किसान को सोलर ऊर्जा का लाभ पहुंचाना है। अगर आप भी बिजली खर्च से मुक्ति चाहते हैं तो आज ही आवेदन शुरू कर दें। यह न केवल पैसे बचाएगी बल्कि हरित भविष्य का निर्माण भी करेगी।















