
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए नियमों के तहत, बैंक लॉकर की सुरक्षा और चोरी की स्थिति में मुआवजे को लेकर कड़े प्रावधान लागू किए गए हैं 2026 के अपडेटेड नियमों के अनुसार, लॉकर में रखे सामान और बैंक की जिम्मेदारी से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं।
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चोरी होने पर कितना मिलेगा हर्जाना?
यदि बैंक की लापरवाही, आग, चोरी, डकैती या बैंक कर्मचारियों द्वारा की गई धोखाधड़ी के कारण लॉकर के सामान का नुकसान होता है, तो बैंक की देयता (Liability) तय कर दी गई है:
- वार्षिक किराए का 100 गुना: बैंक आपको उस लॉकर के सालाना किराए का अधिकतम 100 गुना मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी है।
- उदाहरण: अगर आपके लॉकर का सालाना किराया ₹3,000 है, तो बैंक अधिकतम ₹3,00,000 (3,000 x 100) का हर्जाना देगा।
- बाजार मूल्य की भरपाई नहीं: बैंक आपके सोने या अन्य सामान के वास्तविक बाजार मूल्य की भरपाई करने के लिए बाध्य नहीं है, चाहे उसकी कीमत कितनी भी अधिक क्यों न हो।
नकदी (Cash) रखने पर सख्त पाबंदी
RBI के स्पष्ट निर्देश हैं कि बैंक लॉकर का उपयोग केवल वैध उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है:
- कैश रखना मना है: लॉकर में नकद (Cash), हथियार, विस्फोटक या कोई भी खतरनाक सामान रखना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
- सामान की अनुमति: आप केवल ज्वेलरी, महत्वपूर्ण दस्तावेज और वैध कागजात ही रख सकते हैं।
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किन स्थितियों में मुआवजा नहीं मिलेगा?
- प्राकृतिक आपदाएं: भूकंप, बाढ़, बिजली गिरने या तूफान जैसी ‘Acts of God’ स्थितियों में बैंक किसी मुआवजे के लिए जिम्मेदार नहीं है।
- ग्राहक की गलती: यदि आपकी खुद की लापरवाही (जैसे चाबी खो देना या लॉकर खुला छोड़ देना) से नुकसान होता है, तो बैंक उत्तरदायी नहीं होगा।
सुरक्षा के लिए अन्य महत्वपूर्ण नियम
- बैंकों के लिए 180 दिनों का CCTV फुटेज सुरक्षित रखना अनिवार्य है, साथ ही, लॉकर के हर संचालन पर ग्राहक को तुरंत SMS और ईमेल अलर्ट भेजना होगा।
- बैंक नए ग्राहकों से 3 साल के किराए और लॉकर तोड़ने के शुल्क के बराबर Fixed Deposit (FD) मांग सकते हैं।
- दावे के निपटान को आसान बनाने के लिए अब लॉकर में 4 नॉमिनी तक जोड़े जा सकते हैं।
चूंकि बैंक का मुआवजा सीमित है, इसलिए भारी मात्रा में सोना रखने वाले ग्राहकों को अलग से Locker Insurance लेने की सलाह दी जाती है।















