
नेपाल की सियासत में आज एक नया इतिहास लिखा जा रहा है, दशकों से स्थापित राजनीतिक दिग्गजों के किलों को ढहाते हुए 35 वर्षीय बालेन शाह, जिन्हें दुनिया ‘बुल्डोजर मेयर’ के नाम से जानती है, अब देश के अगले प्रधानमंत्री बनने की दहलीज पर खड़े हैं।
यह भी देखें: 21, 26 और 31 मार्च को सरकारी छुट्टी का एलान; स्कूल, बैंक और दफ्तर सब रहेंगे बंद, देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
Table of Contents
चुनावी रुझानों में भारी उलटफेर
गुरुवार, 5 मार्च को हुए मतदान के बाद आज आ रहे शुरुआती रुझानों ने सबको चौंका दिया है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP), जिसका नेतृत्व बालेन शाह कर रहे हैं, प्रत्यक्ष निर्वाचन की 165 सीटों में से 45 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। सबसे बड़ी खबर झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र से आ रही है, जहां बालेन शाह खुद चुनाव मैदान में हैं, वे पूर्व प्रधानमंत्री और कम्युनिस्ट दिग्गज के.पी. शर्मा ओली से लगभग 1,100 वोटों से आगे चल रहे हैं।
रैपर से ‘सिस्टम चेंजर’ तक का सफर
- युवाओं के आइकन: बालेन शाह ने अपने करियर की शुरुआत एक भूमिगत रैपर और स्ट्रक्चरल इंजीनियर के रूप में की थी।
- मेयर के रूप में पहचान: 2022 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू का मेयर बनकर उन्होंने सबको हैरान किया। अतिक्रमण हटाने और कचरा प्रबंधन में उनके कड़े फैसलों ने उन्हें ‘बुल्डोजर मेयर’ की छवि दी।
- प्रधानमंत्री की दावेदारी: जनवरी 2026 में मेयर पद से इस्तीफा देकर उन्होंने RSP का दामन थामा और खुद को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया।
नेपाल में ‘जेन-जेड’ (Gen Z) क्रांति
विश्लेषकों का मानना है कि सितंबर 2025 में हुए व्यापक युवा आंदोलनों ने इस बदलाव की जमीन तैयार की थी, नेपाल की 40% आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है, जो पुराने नेताओं (70+ आयु वर्ग) के पारंपरिक ढर्रे से तंग आ चुकी है, बालेन का ‘ब्लैक सनग्लासेस’ वाला रॉकस्टार अंदाज और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी सीधी बात युवाओं को सीधे कनेक्ट कर रही है।
आगे की राह: क्या मिलेगी पूर्ण सत्ता?
हालांकि बालेन की पार्टी मजबूती से आगे बढ़ रही है, लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े तक पहुंचना अभी बाकी है, यदि रुझान परिणामों में बदलते हैं, तो बालेन शाह न केवल नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बनेंगे, बल्कि यह दक्षिण एशिया की राजनीति में किसी बड़े ‘पॉप-आइकन’ के सत्ता के शीर्ष तक पहुंचने का विरल उदाहरण होगा।















