
पारंपरिक खेती में कम मुनाफे से परेशान किसानों के लिए ‘फ्लोरीकल्चर’ (फूलों की खेती) एक गेम-चेंजर साबित हो रही है, इस सेक्टर में एक ऐसा खास पौधा है जिसे कृषि विशेषज्ञ ‘नोट छापने की मशीन’ कह रहे हैं, इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे आपको बार-बार बोने की जरूरत नहीं है; बस एक बार का निवेश और अगले 20 से 25 साल तक आप लाखों में मुनाफा कमा सकते हैं।
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सिंदूर की खेती: कम लागत, लंबी कमाई
हम बात कर रहे हैं सिंदूर (Annatto) के पौधे की धार्मिक महत्व के साथ-साथ आज के समय में इसकी औद्योगिक मांग आसमान छू रही है जानकारों के मुताबिक, सिंदूर का पौधा एक बार लगाने के बाद करीब ढाई दशकों तक पैदावार देता है।
क्यों है इतनी डिमांड?
आजकल दुनिया भर में सिंथेटिक रंगों के बजाय नेचुरल कलर्स का ट्रेंड बढ़ रहा है, सिंदूर के बीजों से निकलने वाले प्राकृतिक रंग का इस्तेमाल लिपिस्टिक, पेंट, कॉस्मेटिक्स और फूड इंडस्ट्री (चीज, मक्खन को रंगने) में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है, Dainik Jagran की एक रिपोर्ट के अनुसार, इसकी वैश्विक मांग इसे किसानों के लिए सोने की खान बना रही है।
मुनाफे का गणित
- तैयारी: सिंदूर का पौधा रोपण के लगभग 2 साल बाद बीज देना शुरू कर देता है।
- पैदावार: एक एकड़ में करीब 500 पौधे लगाए जा सकते हैं।
- कमाई: पूर्ण विकसित होने पर एक एकड़ से सालाना 1.5 लाख से 3 लाख रुपये तक की कमाई आसानी से की जा सकती है। चूंकि इसे रखरखाव की बहुत कम जरूरत होती है, इसलिए इसमें लागत न के बराबर है।
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पीओनी (Peony) भी बदल रहा है किस्मत
सिंदूर के अलावा, पीओनी के फूलों को ‘रिटायरमेंट प्लान’ की तरह देखा जा रहा है, अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसके एक फूल की कीमत सैकड़ों रुपये में होती है, भारत में CSIR-IHBT जैसे संस्थान अब किसानों को इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं ताकि विदेशी फूलों के आयात को कम कर स्थानीय किसानों की आय बढ़ाई जा सके।
अगर आप भी पारंपरिक फसलों से हटकर कुछ नया करने की सोच रहे हैं, तो सिंदूर या उच्च मूल्य वाले फूलों की खेती एक बेहतरीन स्टार्टअप हो सकता है, यह न केवल आपके खेत को हरा-भरा रखेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए भी कमाई का जरिया बनेगा।















