
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 23 फरवरी 2026 को विज्ञान भवन में ‘भारत टैक्सी’ नामक क्रांतिकारी सहकारी राइड-हेलिंग सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया। दिल्ली-एनसीआर और गुजरात के हजारों टैक्सी व ऑटो चालकों के साथ हुई टाउन हॉल बैठक में शाह ने इसे “ड्राइवरों की आर्थिक आजादी का जादुई फॉर्मूला” करार दिया। निजी ऐप्स जैसे ओला-उबर की 25-30% कमीशन लूट के खिलाफ यह प्लेटफॉर्म ड्राइवरों को असली मालिक बनाता है, जहां सिर्फ ₹500 के शेयर से सह-मालिकाना हक मिलता है।
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अमूल से प्रेरित सहकारी क्रांति
अमित शाह ने ‘भारत टैक्सी’ की तुलना गुजरात की अमूल डेयरी से की, जहां किसानों को मुनाफे का बड़ा हिस्सा सीधे मिलता है। “अमूल ने लाखों किसानों को सशक्त बनाया, वैसे ही भारत टैक्सी टैक्सी सारथियों को कर्मचारी से मालिक बदलेगी,” उन्होंने कहा। सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (6 जून 2025 को मल्टी-स्टेट एक्ट के तहत रजिस्टर्ड) द्वारा संचालित यह सेवा 8 बड़ी सहकारी संस्थाओं के सहयोग से बनी है। ड्राइवर यहां सिर्फ चालक नहीं, बल्कि बोर्ड में प्रतिनिधि और लाभार्थी हैं। कुल मुनाफे का 80% किलोमीटर-आधारित ड्राइवरों को, शेष 20% संस्था मजबूती के लिए।
निजी कंपनियां न्यूनतम किराया तय करने से कतराती हैं, लेकिन भारत टैक्सी में फिक्स प्रति किमी रेट और जीरो सर्ज प्राइसिंग है। कमीशन की जगह सिर्फ ₹30/दिन फ्लैट फीस (कार के लिए), जिससे ड्राइवर 100% किराया रखते हैं। शाह ने जोर दिया, “कई निजी ऐप्स ड्राइवरों की बेस कमाई लूटते हैं, यहां सुरक्षित आय का भरोसा है।” पायलट में 2.9 लाख राइड्स पूर्ण, 3 लाख+ ड्राइवर और 9 लाख+ यूजर्स जुड़े।
ड्राइवरों और यात्रियों के लिए खास फायदे
ड्राइवर ₹500 शेयर खरीदकर जुड़ें: Google Play से ‘Bharat Taxi Driver’ ऐप डाउनलोड, DL/RC/पुलिस वेरिफिकेशन (डिजिलॉकर से) अपलोड करें, अप्रूवल मिले तो राइड शुरू। 3 साल बाद मुनाफा वितरण और बोर्ड सीट। सुरक्षा में SOS, रीयल-टाइम, दुर्घटना/स्वास्थ्य बीमा, महिलाओं के लिए ‘सारथी दीदी’ बाइक सेवा। EV/CNG वाहनों को प्राथमिकता से सस्टेनेबल मोबिलिटी।
यात्रियों को सस्ता, पारदर्शी किराया, कोई मनमानी नहीं। bharattaxiapp.com या ऐप से बुकिंग, दिल्ली-एनसीआर (दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा), गुजरात (अहमदाबाद, राजकोट) में सक्रिय। हेल्पलाइन: 93112 40085, sahakartaxicoop@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं।
देशव्यापी विस्तार का बड़ा सपना
5 फरवरी 2026 को पायलट शुरू, अब पूर्ण लॉन्च। 2029 तक सभी नगर निगम शहरों में, 15 करोड़ ड्राइवरों को जोड़ने का लक्ष्य। शाह ने कहा, “कश्मीर से कन्याकुमारी तक सहकार टैक्सी सारथियों का कल्याण करेगी।” ओला-उबर को चुनौती: 4.5 करोड़ रोजगार सृजन, आत्मनिर्भर भारत को मजबूती। विशेषज्ञ मानते हैं, यह गिग इकोनॉमी में सहकारिता का नया अध्याय है।















