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आज का पंचांग: रवि प्रदोष व्रत पर बन रहा है दुर्लभ शुभ संयोग! जानें महादेव की पूजा का सटीक मुहूर्त और आज का राहुकाल

रवि प्रदोष आज! सूर्य योग में शिव पूजा से करियर चमकेगा, सूर्य दोष जाएंगे। शाम 6:21 का गोल्डन मुहूर्त मत छोड़ना, लाखों भक्त लाइन में। राहुकाल से बचें वरना नुकसान। घर पर आसान पूजा से जीवन बदलें, जानें सीक्रेट विधि!

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फाल्गुन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी पर आज रवि प्रदोष व्रत का पालन हो रहा है। रविवार का संयोग इसे असाधारण बना रहा है, क्योंकि सूर्य की किरणें और शिव शक्ति का मिलन भक्तों के भाग्य को चमका सकता है। लाखों श्रद्धालु घरों और मंदिरों में डटे हैं, प्रदोष काल का इंतजार कर रहे हैं। ज्योतिषी इसे जीवन बदलने वाला अवसर बता रहे हैं, जहां पूजा से सूर्य दोष, करियर की बाधाएं और पारिवारिक कष्ट दूर हो सकते हैं। पूरे उत्तर भारत में उत्साह का माहौल है।

आज का पंचांग: रवि प्रदोष व्रत पर बन रहा है दुर्लभ शुभ संयोग! जानें महादेव की पूजा का सटीक मुहूर्त और आज का राहुकाल

पंचांग का विशेष संयोग

आज फाल्गुन मास की शुक्ल त्रयोदशी रात से चली आ रही है, जो शाम तक प्रभावी रहेगी। चंद्रमा कर्क राशि के पुष्य नक्षत्र में है, सूर्य कुंभ में गोचर कर रहा है। रविवार होने से रवि योग बन गया है, जो सामान्य प्रदोष से कहीं ज्यादा शुभफल देता है। यह संयोग सूर्य ऊर्जा को बढ़ाता है, इसलिए नेत्र स्वास्थ्य, पितृ कार्य और सरकारी नौकरियों के इच्छुकों के लिए आदर्श है। सुबह से ही भक्त व्रत संकल्प ले रहे हैं, माहौल भक्तिमय है।

शुभ मुहूर्त की सटीक जानकारी

प्रदोष काल आज शाम करीब साढे छह बजे से रात नौ बजे तक चलेगा। सबसे उत्तम समय शाम सवा छह से साढे सात बजे तक है, जब शिवलिंग पर अभिषेक और आरती करें। इसी दौरान शिव-पार्वती की जोड़ी की पूजा फलदायी रहेगी। ध्यान दें, दोपहर चार बजे से छह बजे तक राहुकाल है। इस समय कोई नया काम शुरू न करें, न यात्रा पर निकलें। राहुकाल में शुभ कार्य टालना ही बुद्धिमानी है, वरना विघ्न आ सकते हैं।

पूजा विधि क्या है?

सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें, व्रत का संकल्प लें। शाम को स्वच्छ स्थान चुनें, शिवलिंग या शिव प्रतिमा स्थापित करें। गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी से अभिषेक करें। बेलपत्र, धतूरा, भांग, जनेऊ अर्पित करें। ओम नमः शिवाय का 108 बार जाप करें। रुद्राभिषेक के बाद शिव चालीसा पाठ करें। अंत में काला तिल, उड़द, हल्दी या कपड़ों का दान दें। यह विधि घर पर आसानी से की जा सकती है, कोई पंडित जरूरी नहीं।

लाभ जो बदल देंगे आपका जीवन

रवि प्रदोष व्रत सूर्य से जुड़े दोषों को समाप्त करता है। करियर में रुकावटें दूर होती हैं, नौकरी या प्रमोशन की मनोकामना पूरी हो सकती है। पारिवारिक सुख, संतान प्राप्ति और वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है। पुष्य नक्षत्र का प्रभाव मनोकामनाओं को जल्दी पूरा करता है। आध्यात्मिक दृष्टि से पाप नष्ट होते हैं, पुण्य बढ़ता है। भक्त बताते हैं कि नियमित प्रदोष व्रत से जीवन में स्थिरता आती है।

देशभर में भक्ति का सैलाब

काशी विश्वनाथ से बैद्यनाथ धाम तक मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें हैं। लखनऊ के प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष भंडारे और सजावट हुई है। डिजिटल युग में मोबाइल ऐप्स से लाखों लोग पंचांग देख रहे हैं। महिलाएं विशेषकर पार्वती पूजा कर रही हैं। ज्योतिषी सलाह देते हैं कि इस योग का लाभ उठाएं, लेकिन विधि-विधान से। यह व्रत न केवल धार्मिक, बल्कि जीवन सुधारने वाला भी है। सच्ची श्रद्धा से महादेव कृपा बरसाते हैं।

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info@divcomkonkan.in

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