
देश में पहचान पत्र (Identity Proof) के रूप में आधार कार्ड-Aadhaar Card और वोटर आईडी-Voter ID Card दोनों का अहम स्थान है। जहां वोटर आईडी का उपयोग मतदान के लिए किया जाता है, वहीं आधार कार्ड आज स्कूल एडमिशन से लेकर बैंकिंग, सब्सिडी और सरकारी योजनाओं (Government Schemes) तक लगभग हर जगह जरूरी हो चुका है। इसी बीच सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि अब आधार से वोटर आईडी को लिंक (Aadhaar Voter ID Link) कराना अनिवार्य हो गया है।
इस वायरल मैसेज के बाद लोगों में कन्फ्यूजन और डर का माहौल है। कई लोग यह सोचने लगे हैं कि अगर उन्होंने समय रहते लिंक नहीं कराया, तो कहीं उनका नाम वोटर लिस्ट से न हट जाए। ऐसे में सवाल उठता है-क्या आधार और वोटर आईडी को लिंक करना सच में जरूरी हो चुका है? आइए जानते हैं इस पूरे मामले की सच्चाई।
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सोशल मीडिया पर क्या है वायरल मैसेज?
वायरल हो रहे मैसेज में दावा किया गया है कि चुनाव कानून (संशोधन) अधिनियम, 2021-Election Laws (Amendment) Act, 2021 के तहत अब आधार को वोटर आईडी से लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है। मैसेज में यह भी कहा गया है कि नागरिक जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करें, जिसके लिए Voter Helpline App डाउनलोड करने या हेल्पलाइन नंबर 1950 पर कॉल करने की सलाह दी जा रही है।
मैसेज की भाषा ऐसी है कि लोगों को लगता है कि यह किसी आधिकारिक स्रोत से आया है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग इस पर भरोसा कर रहे हैं और लिंकिंग को लेकर घबराए हुए हैं।
PIB Fact Check ने खोली पोल, जानिए वायरल मैसेज की सच्चाई
इस वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए PIB Fact Check ने जांच की। पीआईबी फैक्ट चेक ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल के जरिए साफ किया कि यह मैसेज पूरी तरह से फेक (Fake Message) है। PIB Fact Check के मुताबिक, केंद्र सरकार या चुनाव आयोग (Election Commission of India) की ओर से ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है, जिसमें आधार को वोटर आईडी से लिंक कराना अनिवार्य बताया गया हो। यानी फिलहाल Aadhaar Voter ID Link Mandatory नहीं है।
पीआईबी ने यह भी चेतावनी दी कि इस तरह के मैसेज फ्रॉड (Fraud) या डेटा चोरी के उद्देश्य से फैलाए जा सकते हैं, इसलिए नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
क्या स्वेच्छा से आधार और वोटर आईडी को लिंक कराया जा सकता है?
हालांकि लिंकिंग अनिवार्य नहीं है, लेकिन सरकार ने नागरिकों को स्वेच्छा (Voluntary Basis) से आधार और वोटर आईडी को लिंक करने की सुविधा जरूर दी है। यदि कोई व्यक्ति अपनी पहचान को अपडेट और सुरक्षित रखना चाहता है, तो वह बिना किसी परेशानी के यह प्रक्रिया पूरी कर सकता है। चुनाव आयोग के मुताबिक, यह कदम मुख्य रूप से डुप्लीकेट वोटर आईडी और फर्जी मतदान को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है, न कि किसी पर दबाव बनाने के लिए।
PAN-Aadhaar Link से क्यों बढ़ा भ्रम?
इस भ्रम की एक बड़ी वजह पैन कार्ड-PAN Card और आधार लिंकिंग से जुड़ा नियम भी है। सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि अगर 31 मार्च 2023 तक पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं किया गया, तो पैन कार्ड निष्क्रिय (Inactive) हो सकता है। इसी वजह से लोग यह मान बैठे कि आधार को हर दस्तावेज से लिंक कराना अब अनिवार्य हो गया है, जबकि वोटर आईडी के मामले में ऐसा कोई नियम लागू नहीं किया गया है।
क्या करें और किन बातों का रखें ध्यान?
- किसी भी वायरल मैसेज पर आंख बंद करके भरोसा न करें
- सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट या सरकारी सोशल मीडिया हैंडल से मिली जानकारी पर ही विश्वास करें
- किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपनी पर्सनल डिटेल्स साझा न करें
- अगर चाहें तो स्वेच्छा से आधार और वोटर आईडी लिंक करा सकते हैं















