भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी UIDAI ने आधार कार्ड धारकों के लिए एक अहम बदलाव की घोषणा की है। अब 5 साल और 15 साल की उम्र वाले बच्चों के आधार को बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य हो गया है। समय पर यह प्रक्रिया पूरी न करने पर आधार निष्क्रिय हो सकता है, जिससे सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सेवाओं और राशन वितरण में गंभीर परेशानियां खड़ी हो सकती हैं। यह कदम डेटा की सटीकता बनाए रखने और धोखाधड़ी रोकने के मकसद से उठाया गया है।

UIDAI भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जो 2009 में शुरू हुई थी। इसका लक्ष्य देश के हर नागरिक को 12 अंकों का अनोखा पहचान नंबर देना है। यह नंबर उंगलियों के निशान, आंखों की स्कैनिंग और व्यक्तिगत जानकारियों पर आधारित होता है। डिजिटल इंडिया अभियान के तहत आधार अब बैंक खाते खोलने से लेकर पेंशन, सब्सिडी और छात्रवृत्ति तक हर काम में जरूरी है। लेकिन लंबे समय से अपडेट न होने पर डेटा पुराना पड़ जाता है, जिससे सत्यापन में दिक्कत आती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि 10 साल से ज्यादा पुराने आधार को तुरंत नवीनीकृत कराएं।
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बच्चों के आधार पर खास ध्यान
नवजात शिशुओं का आधार कार्ड जन्म के समय बिना बायोमेट्रिक विवरण के जारी किया जाता है, जिसे नीला आधार कहा जाता है। ठीक 5 साल की उम्र में पहला बड़ा अपडेट करना पड़ता है। इसमें नई तस्वीर, उंगलियों के निशान और आंखों का स्कैन दर्ज कराया जाता है। इसके बाद 15 साल की उम्र में दूसरा अपडेट अनिवार्य है। अगर यह न किया गया, तो आधार काम करना बंद कर देगा। इससे स्कूल में दाखिला, सरकारी लाभ या पहचान साबित करने में भारी मुश्किल होगी। कई राज्यों में लाखों परिवार इस नियम से प्रभावित हो सकते हैं, क्योंकि जागरूकता अभी कम है।
समय सीमा और नए निर्देश
सरकार ने मुफ्त अपडेट की आखिरी तारीख 14 जून 2026 तक बढ़ा दी है। उसके बाद ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए 25 से 75 रुपये तक और आधार केंद्र पर बायोमेट्रिक अपडेट के लिए 125 रुपये शुल्क देना पड़ेगा। नया आधार कार्ड अब पहले जैसा नहीं दिखेगा। इसमें सिर्फ तस्वीर और क्यूआर कोड होगा, नाम, पता या जन्मतिथि जैसी जानकारी नहीं छपेगी। इससे पहचान की चोरी का खतरा कम होगा। जन्मतिथि सुधारने पर भी सख्ती बरती जाएगी। अब इसके लिए जन्म प्रमाण पत्र की पंजीकरण संख्या का मिलान जरूरी होगा और बार-बार बदलाव की मनाही है।
अपडेट की आसान प्रक्रिया
आधार अपडेट करना अब बहुत सरल है। ऑनलाइन तरीके से myAadhaar पोर्टल पर जाएं। अपना 12 अंकीय नंबर और मोबाइल पर आए ओटीपी से लॉगिन करें। फिर नाम, पता, फोटो या जन्मतिथि जैसे विकल्प चुनें। पासपोर्ट, वोटर कार्ड, राशन कार्ड या बिजली बिल जैसे दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड कर दें। प्रक्रिया पूरी होने पर सर्विस रिक्वेस्ट नंबर मिलेगा, जिससे स्थिति जांच सकते हैं। ऑफलाइन विकल्प में नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर पहुंचें और बायोमेट्रिक दें। बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अभी यह मुफ्त है। गैर-निवासी भारतीयों के लिए भी विशेष सुविधाएं उपलब्ध हैं।
UIDAI का यह फैसला डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करेगा। लेकिन आम आदमी को अभी से सतर्क हो जाना चाहिए। आधार ही आपकी पहचान का आधार है, इसे सक्रिय रखें ताकि भविष्य में कोई रुकावट न आए। समय रहते कदम उठाएं और परिवार के हर सदस्य का अपडेट सुनिश्चित करें।















