भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने पहचान धोखाधड़ी को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। संसद में सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि 2.5 करोड़ से अधिक मृत व्यक्तियों के आधार नंबर डिएक्टिवेट कर दिए गए हैं। यह राष्ट्रव्यापी सफाई अभियान 2024 से चल रहा है, जो सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने का लक्ष्य रखता है।
देश में वर्तमान में 134 करोड़ सक्रिय आधार धारक हैं। यह सफाई अभियान डेटाबेस की शुद्धता सुनिश्चित करेगा। UIDAI ने रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया, राज्य सरकारों और केंद्र विभागों जैसे PDS व NSAP से डेटा लेकर कार्रवाई की। लोकसभा में 4 फरवरी को दिए गए जवाब में मंत्री ने कहा कि मृतकों के आधार को बंद करना कल्याणकारी लाभों के दुरुपयोग से बचाएगा।

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डिएक्टिवेशन का मुख्य कारण
ये आधार नंबर मुख्य रूप से मृत व्यक्तियों के थे, जिनका इस्तेमाल पेंशन, सब्सिडी या बैंक खातों में हो सकता था। 2025 तक 2 करोड़ नंबर बंद हो चुके थे, अब कुल 2.5 करोड़ हो गए। RTI डेटा से पता चला कि 14 वर्षों में 16 करोड़ मौतों के मुकाबले पहले केवल 1.17 करोड़ डिएक्टिवेट हुए थे। UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार का कहना है कि यह कदम 3,300 से अधिक सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता बढ़ाएगा। जीवित लोगों के आधार सुरक्षित हैं।
किन लोगों के कार्ड प्रभावित हुए
प्रभावित कार्ड सिर्फ मृतकों के हैं। परिवारों ने डेथ सर्टिफिकेट के आधार पर रिपोर्टिंग की। यदि गलती से जीवित व्यक्ति का आधार ब्लॉक हो गया, तो चिंता की कोई बात नहीं। UIDAI ने 24 से अधिक राज्यों में ऑनलाइन रिपोर्टिंग सुविधा शुरू की है। बैंक और अन्य एजेंसियां भी अब डेटा साझा करेंगी।
गलत ब्लॉक पर तत्काल कदम
अगर आपका आधार ब्लॉक लगे, तो myaadhaar.uidai.gov.in पर लॉगिन कर स्थिति जांचें। नजदीकी UIDAI क्षेत्रीय कार्यालय में फॉर्म भरें और नई बायोमेट्रिक दें। प्रक्रिया 90 दिनों में पूरी हो जाती है। टोल-फ्री नंबर 1947 पर कॉल करें या ईमेल भेजें।
मृतक आधार कैसे डिएक्टिवेट करें
परिवारजन myAadhaar पोर्टल पर ‘Report Death of Aadhaar Holder’ विकल्प चुनें। मृतक का आधार नंबर, नाम, मृत्यु तिथि डालें। डेथ सर्टिफिकेट अपलोड करें और OTP से वेरिफाई करें। UIDAI जांच के बाद नंबर बंद कर देगा। RGI ने 1.55 करोड़ रिकॉर्ड सत्यापित किए हैं।
यह अभियान आधार को दुनिया का सबसे मजबूत बायोमेट्रिक सिस्टम बनाए रखेगा। UIDAI बैंकिंग संस्थानों से और सहयोग लेगा। अधिक जानकारी uidai.gov.in पर उपलब्ध है। आम नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए ताकि कोई फर्जी लाभ न उठा सके।















