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यात्री ध्यान दें! गोरखपुर रूट की 12 ट्रेनें डायवर्ट, कई रद्द; यात्रा से पहले चेक करें ब्लॉक की नई लिस्ट और वैकल्पिक रास्ते

गोरखपुर-गोंडा रेल मार्ग पर मेगा ब्लॉक से 12 ट्रेनें डायवर्ट, कई रद्द। यात्रियों को परेशानी, ट्रैक काम के लिए ब्लॉक। वैकल्पिक रूट अपनाएं, NTES ऐप से चेक करें स्टेटस। सुरक्षित यात्रा के लिए सतर्क रहें।

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उत्तर पूर्व रेलवे के गोरखपुर गोंडा खंड पर चल रहे मेगा ब्लॉक ने यात्रियों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। ट्रैक अपग्रेड और सिग्नलिंग सिस्टम को आधुनिक बनाने के लिए लिए गए इस ब्लॉक के कारण करीब 12 ट्रेनों के रूट बदल दिए गए हैं। कई अन्य ट्रेनें समय से देरी से चल रही हैं या कुछ दिनों के लिए बंद कर दी गई हैं। गोंडा बुढवल और बभनान परसा तिवारी जैसे इलाकों में तीसरी लाइन बिछाने का काम जोरों पर है। इसका मकसद ट्रेनों को तेज और सुरक्षित गति से चलाना है।

यात्री ध्यान दें! गोरखपुर रूट की 12 ट्रेनें डायवर्ट, कई रद्द; यात्रा से पहले चेक करें ब्लॉक की नई लिस्ट और वैकल्पिक रास्ते

ब्लॉक का असर और प्रभावित ट्रेनें

यह ब्लॉक दिल्ली मुंबई बिहार और पूर्वांचल के रास्ते पर यात्रा करने वालों के लिए सबसे ज्यादा मुश्किल भरा है। गोरखपुर से दिल्ली जाने वाली प्रमुख ट्रेनें अब वैकल्पिक रास्तों से गुजर रही हैं। लखनऊ गोरखपुर एक्सप्रेस जैसी लोकप्रिय ट्रेनों का समय और स्टॉपेज बदला गया है। बिहार संपर्क समेत कई ट्रेनें आंशिक रूप से छोटा कर दी गई हैं। कुछ पैसेंजर ट्रेनें पूरी तरह रद्द हैं। कुल मिलाकर 12 से ज्यादा ट्रेनें डायवर्ट हो चुकी हैं। यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा या दूसरी ट्रेन पकड़नी पड़ रही है।

वैकल्पिक रूट और बदलाव की जानकारी

डायवर्ट ट्रेनें गोरखपुर बढ़नी गोंडा बाराबंकी या मनकापुर अयोध्या कैंट होकर लखनऊ पहुंच रही हैं। बिहार जाने वाली ट्रेनें छपरा मुजफ्फरपुर रूट पर शिफ्ट हो गई हैं। कुछ मामलों में ट्रेनें बीच के स्टेशन तक ही सीमित रहेंगी। रेलवे ने साफ कहा है कि डायवर्ट ट्रेनों पर टिकट वैलिड रहेंगे लेकिन समय में दो से चार घंटे की देरी हो सकती है। रद्द ट्रेनों के यात्रियों को रिफंड का विकल्प मिलेगा।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

यात्रा शुरू करने से पहले एनटीईएस ऐप या आईआरसीटीसी वेबसाइट पर स्टेटस जांच लें। हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करके पक्का करें। गोरखपुर गोंडा लखनऊ जंक्शनों पर पूछताछ काउंटर सक्रिय हैं। अगर ट्रेन रद्द हो तो बस या टैक्सी का इंतजाम पहले से रखें। विशेषज्ञों का मानना है कि इस ब्लॉक के बाद ट्रेनें कम देरी से चलेंगी और ज्यादा संख्या में उपलब्ध होंगी। फिर भी अभी यात्रियों को सतर्क रहना होगा।

भविष्य के फायदे

यह काम पूरा होने पर गोरखपुर गोंडा रूट पर ट्रैफिक दोगुना हो जाएगा। ऑटोमेटिक सिग्नलिंग से दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा। हाई स्पीड ट्रेनें आसानी से चल सकेंगी। रेलवे का लक्ष्य यात्रियों को बेहतर सुविधा देना है। फिलहाल तारीखवार अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें। सुरक्षित यात्रा करें।

Author
info@divcomkonkan.in

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