
अपने आशियाने को नया लुक देने की चाह रखने वाले गृहस्वामियों के लिए साल 2026 में पेंटिंग का बजट समझना बेहद जरुरी है, निर्माण सामग्री की कीमतों और लेबर चार्ज में आए बदलावों के बीच, विशेषज्ञों ने इस वर्ष के लिए एक अनुमानित रिपोर्ट पेश की है।
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35 हजार से 90 हजार रुपये के बीच आएगा खर्च
बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 2026 में एक औसत अपार्टमेंट को पेंट कराने का खर्च ₹35,000 से शुरू होकर ₹90,000 तक जा सकता है। यह लागत अपार्टमेंट के आकार और पेंट की क्वालिटी पर निर्भर करती है:
- 2 BHK अपार्टमेंट: यदि आप साधारण से मध्यम दर्जे का पेंट चुनते हैं, तो खर्च ₹35,000 से ₹60,000 के बीच रहने का अनुमान है।
- 3 BHK अपार्टमेंट: बड़े घरों के लिए यह बजट ₹60,000 से ₹90,000 तक पहुंच सकता है।
- प्रति वर्ग फुट दर: फिलहाल बाजार में मटेरियल और लेबर मिलाकर ₹12 से ₹50 प्रति वर्ग फुट की दरें चल रही हैं।
मटेरियल बनाम लेबर: कहां कितना पैसा लगेगा?
पेंटिंग के कुल बजट में दो मुख्य हिस्से होते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, मटेरियल (पेंट, पुट्टी और प्राइमर) की लागत ₹10 से ₹25 प्रति वर्ग फुट तक आती है। वहीं, कुशल पेंटर्स की मजदूरी यानी लेबर चार्ज ₹8 से ₹20 प्रति वर्ग फुट के बीच स्थिर बना हुआ है।
पेंट के चुनाव से बदलता है गणित
बजट में सबसे बड़ा अंतर पेंट की श्रेणी से आता है:
- किफायती विकल्प: डिस्टेंपर पेंट कराने पर खर्च मात्र ₹8-₹10 प्रति वर्ग फुट आता है।
- प्रीमियम विकल्प: मध्यम वर्ग की पहली पसंद ‘इमल्शन पेंट’ ₹12 से ₹40 प्रति वर्ग फुट बैठता है।
- लग्जरी लुक: अगर आप दीवारों पर टेक्सचर या डिजाइनर लुक चाहते हैं, तो यह आंकड़ा ₹80 से ₹250 प्रति वर्ग फुट तक जा सकता है।
सावधानी: नए और पुराने घर के खर्च में है अंतर
रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि नए बने अपार्टमेंट (Fresh Paint) में पुट्टी और प्राइमर के अधिक कोट्स की जरूरत होती है, जिससे खर्च पुराने घर की री-पेंटिंग की तुलना में 20 से 30 फीसदी तक बढ़ जाता है, साथ ही, दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों में लेबर की कमी के कारण कीमतें छोटे शहरों के मुकाबले थोड़ी अधिक बनी हुई हैं।















