
उत्तर प्रदेश की मेधावी छात्राओं के लिए बड़ी खुशखबरी है, केंद्र सरकार की ‘नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप’ (NMMS) योजना प्रदेश की आर्थिक रुप से कमजोर लेकिन पढ़ाई में तेज बेटियों के लिए वरदान साबित हो रही है, इस योजना के अंतर्गत छात्राओं को उनकी आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए कुल ₹48,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
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क्या है NMMS योजना और इसके लाभ?
NMMS एक छात्रवृत्ति योजना है जिसका उद्देश्य मेधावी छात्रों को बीच में पढ़ाई छोड़ने (Drop-out) से रोकना है।
- कुल स्कॉलरशिप: ₹48,000 (कक्षा 9 से 12 तक)।
- वार्षिक भुगतान: ₹12,000 प्रति वर्ष।
- मासिक सहायता: ₹1,000 प्रति माह।
- सीधा लाभ: राशि सीधे छात्रा के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है।
क्या आपकी बेटी है पात्र? जाँचें ये शर्तें:
- छात्रा वर्तमान में उत्तर प्रदेश के किसी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त या स्थानीय निकाय के स्कूल में कक्षा 8 में पढ़ रही हो।
- छात्रा ने कक्षा 7 की परीक्षा न्यूनतम 55% अंकों (SC/ST के लिए 50%) के साथ उत्तीर्ण की हो।
- परिवार की समस्त स्रोतों से वार्षिक आय ₹3.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- केंद्रीय विद्यालय (KVs), जवाहर नवोदय विद्यालय (JNVs), सैनिक स्कूल और निजी स्कूलों की छात्राएं इस योजना का लाभ नहीं ले सकतीं।
ताज़ा अपडेट: परीक्षा परिणाम (मार्च 2026)
उत्तर प्रदेश में इस योजना के लिए हुई चयन परीक्षा के नतीजे 1 मार्च 2026 को घोषित किए जा चुके हैं, जो अभिभावक या छात्राएं अपना परिणाम देखना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट entdata.co.in पर जाकर मेरिट लिस्ट चेक कर सकते हैं।
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आवेदन का सही तरीका
- आवेदन प्रक्रिया आमतौर पर हर साल अगस्त-सितंबर में शुरु होती है, इच्छुक छात्राओं को entdata.co.in पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होता है।
- रजिस्ट्रेशन के बाद एक राज्य स्तरीय चयन परीक्षा (MAT और SAT) आयोजित की जाती है।
- परीक्षा में सफल होने के बाद, छात्रवृत्ति के लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर पंजीकरण करना अनिवार्य है।
- आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, कक्षा 7 की मार्कशीट और बैंक पासबुक तैयार रखें।















