
भारत सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत भू-राजस्व विभाग ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, अब देश के किसान और संपत्ति मालिक अपनी जमीन का सटीक नक्शा (Bhu-Naksha) और उसका 3D व्यू घर बैठे अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर पर देख सकेंगे साल 2026 तक इस पोर्टल को और भी हाई-टेक बना दिया गया है, जिससे अब तहसील के चक्कर काटने की मजबूरी खत्म हो गई है।
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डिजिटल मैप और 3D व्यू की सुविधा
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा अपडेट किए गए नए ‘भू-नक्शा पोर्टल’ की सबसे बड़ी खासियत इसका 3D और जियो-रेफरेन्स्ड व्यू है, अब उपयोगकर्ता न केवल अपनी जमीन की सीमाओं को देख सकते हैं, बल्कि गूगल मैप्स के एकीकरण के साथ आसपास के भू-भाग की भौगोलिक स्थिति को भी बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।
इन आसान स्टेप्स से डाउनलोड करें अपना डिजिटल मैप
यदि आप अपनी जमीन का नक्शा पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में डाउनलोड करना चाहते हैं, तो इन चरणों का पालन करें:
- सबसे पहले अपने राज्य के भू-नक्शा पोर्टल (जैसे- UP Bhu Naksha या MP Bhulekh) पर लॉग इन करें।
- होमपेज पर अपने जिले, तहसील और गांव का चयन करें।
- अपनी जमीन का ‘खसरा’ या ‘प्लॉट नंबर’ सर्च बॉक्स में डालें।
- जैसे ही आप नंबर दर्ज करेंगे, स्क्रीन पर आपकी जमीन का नक्शा दिखाई देगा विस्तृत जानकारी के लिए ‘Map Report’ विकल्प पर क्लिक करें।
- रिपोर्ट खुलने के बाद आप इसे आसानी से ‘Download PDF’ बटन दबाकर सेव कर सकते हैं।
पारदर्शिता और सुरक्षा पर जोर
इस पोर्टल के माध्यम से सरकार ने भूमि विवादों को कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, पोर्टल पर अब अलग-अलग रंगों के जरिए यह स्पष्ट किया गया है कि कौन सी जमीन खेती योग्य है, कौन सी बंजर है और कौन सी सरकारी या सार्वजनिक (जैसे खेल का मैदान या श्मशान) है इससे जमीन की खरीद-फरोख्त में होने वाली धोखाधड़ी पर लगाम लगेगी।
विभिन्न राज्यों के डायरेक्ट लिंक
डिजिटल मैप की सुविधा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र सहित लगभग सभी प्रमुख राज्यों में सक्रिय है प्रत्येक राज्य का अपना समर्पित Bhulekh पोर्टल है, जहां यह सेवा निशुल्क उपलब्ध है ,विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन डाउनलोड किया गया नक्शा केवल जानकारी के लिए है, किसी भी कानूनी कार्यवाही या बैंक लोन के लिए राजस्व विभाग द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाणित प्रति ही मान्य होगी।















