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Rare Diseases Financial Aid: दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए सरकार दे रही है ₹50 लाख तक की सहायता; जानें कौन और कैसे कर सकता है आवेदन।

गंभीर और दुर्लभ बीमारियों (Rare Diseases) से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक बड़ी राहत भरी खबर है 'राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति' (NPRD) के तहत अब सरकार मरीजों को इलाज के लिए 50 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है पहले यह सीमा 20 लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर ढाई गुना कर दिया गया है

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Rare Diseases Financial Aid: दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए सरकार दे रही है ₹50 लाख तक की सहायता; जानें कौन और कैसे कर सकता है आवेदन।
Rare Diseases Financial Aid: दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए सरकार दे रही है ₹50 लाख तक की सहायता; जानें कौन और कैसे कर सकता है आवेदन।

गंभीर और दुर्लभ बीमारियों (Rare Diseases) से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक बड़ी राहत भरी खबर है ‘राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति’ (NPRD) के तहत अब सरकार मरीजों को इलाज के लिए 50 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है पहले यह सीमा 20 लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर ढाई गुना कर दिया गया है। 

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सभी श्रेणियों के लिए समान मदद

स्वास्थ्य मंत्रालय के नए नियमों के अनुसार, अब दुर्लभ बीमारियों की सभी श्रेणियों (Group 1, Group 2 और Group 3) के मरीजों को उपचार के लिए एकमुश्त 50 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकेगी, इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों पर पड़ने वाले भारी वित्तीय बोझ को कम करना है, जिनके पास महंगे इलाज के संसाधन उपलब्ध नहीं हैं।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण शर्तें तय की गई हैं:

  •  सहायता केवल उन्हीं 63 दुर्लभ बीमारियों के लिए दी जाएगी जो सरकार द्वारा अधिसूचित हैं, इसमें ‘लाइसोसोमल स्टोरेज डिसऑर्डर’ और ‘मस्कुलर डिस्ट्रॉफी’ जैसी जटिल बीमारियाँ शामिल हैं।
  • मरीज का इलाज सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त उत्कृष्टता केंद्रों (Centres of Excellence – CoE) में होना अनिवार्य है। भारत में एम्स (AIIMS) दिल्ली सहित देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थान इस सूची में शामिल हैं।
  • यह सहायता आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर दी जाती है।

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आवेदन की प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

यदि आप या आपके परिवार में कोई इस योजना का लाभ लेना चाहता है, तो इन चरणों का पालन करें:

  •  सबसे पहले अपने राज्य या नजदीकी शहर के अधिसूचित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) अस्पताल में जाएं।
  •  अस्पताल की विशेष मेडिकल कमेटी मरीज की स्थिति और बीमारी का परीक्षण करेगी।
  • यदि बीमारी योजना के दायरे में आती है, तो अस्पताल प्रशासन पोर्टल के माध्यम से वित्तीय सहायता के लिए आवेदन करेगा।
  •  मंजूरी मिलने के बाद सहायता राशि सीधे उस अस्पताल को हस्तांतरित कर दी जाएगी जहाँ इलाज चल रहा है।

क्राउडफंडिंग का भी विकल्प

सरकार ने अत्यधिक महंगी दवाओं और लंबे समय तक चलने वाले इलाज के लिए एक डिजिटल क्राउडफंडिंग पोर्टल भी लॉन्च किया है, इसके जरिए कॉर्पोरेट कंपनियां और दानदाता सीधे मरीजों के इलाज में आर्थिक योगदान दे सकते हैं, विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति में बदलाव से हजारों उन बच्चों और युवाओं को नया जीवन मिल सकेगा, जिनका इलाज केवल पैसों के अभाव में रुका हुआ था।

Rare Diseases Financial Aid
Author
info@divcomkonkan.in

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