नौकरीपेशा लोगों के लिए इनकम टैक्स के नियमों में बड़ा बदलाव होने वाला है। 1 अप्रैल 2026 से हाउस रेंट अलाउंस (HRA) का क्लेम करते समय सैलरीड कर्मचारियों को मकान मालिक से अपने रिश्ते का खुलासा करना अनिवार्य हो जाएगा। यह कदम फर्जी दावों को रोकने और टैक्स प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया है। अगर कोई छोटी गलती हुई, तो क्लेम खारिज होने के साथ ही भारी जुर्माना भी लग सकता है, जो सीधे सैलरी या रिफंड से वसूला जाएगा।

लाखों सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारी इस बदलाव से प्रभावित होंगे, खासकर वे जो परिवार के सदस्यों को किराया देकर टैक्स लाभ लेते हैं। पुराने नियमों के तहत HRA का हिस्सा बेसिक सैलरी के 40 से 50 प्रतिशत तक, किराए के 10 प्रतिशत या वास्तविक भत्ते में से सबसे कम वाला टैक्स मुक्त होता था।
लेकिन अब नया फॉर्म भरते समय मकान मालिक का नाम, PAN नंबर, पूरा पता और रिश्ता जैसे माता-पिता, पति या कोई संबंध न होने जैसी जानकारी देनी पड़ेगी। खासकर सालाना एक लाख रुपये से अधिक किराया देने वालों के लिए यह अनिवार्य होगा। विभाग इसकी जांच बैंक लेन देन, रेंट एग्रीमेंट और मकान मालिक की आयकर रिटर्न से करेगा।
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क्यों आया यह बदलाव?
पिछले वर्षों में HRA से जुड़े फर्जी क्लेम के मामले तेजी से बढ़े हैं। कई कर्मचारी रिश्तेदारों को किराया दिखाकर टैक्स बचाते पकड़े गए। टैक्स अधिकारियों का मानना है कि इससे राजस्व का नुकसान हो रहा था। नया नियम ईमानदार करदाताओं को प्रोत्साहित करेगा, लेकिन दस्तावेजीकरण का बोझ बढ़ाएगा। विशेषज्ञ कहते हैं कि रिश्तेदारों को किराया देना गलत नहीं, बशर्ते सभी लेन देन बैंक के जरिए हो और मकान मालिक अपनी आय घोषित करे। गलत जानकारी को गलत रिपोर्टिंग माना जाएगा, जिस पर 200 प्रतिशत तक का जुर्माना या 50 हजार रुपये का फाइन लग सकता है।
नियमों का सीधा असर
मेट्रो शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में रहने वालों को बेसिक सैलरी का 50 प्रतिशत तक राहत मिलती है, जबकि अन्य जगहों पर 40 प्रतिशत। नया फॉर्म इस कैपिंग को और सख्ती से लागू करेगा। न्यू टैक्स रिजीम चुनने वाले कर्मचारियों पर इसका असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि वहां HRA लाभ ही नहीं मिलता। लेकिन ओल्ड रिजीम में रहने वाले IT प्रोफेशनल्स, बैंक कर्मी और प्राइवेट जॉब वालों को सावधान रहना होगा। उदाहरणस्वरूप, अगर आपकी सालाना सैलरी 10 लाख है और मासिक किराया 20 हजार, तो HRA क्लेम के लिए सभी कागजात सही होने चाहिए।
जरूरी दस्तावेजों की सूची
सभी कर्मचारियों को अभी से तैयारी कर लेनी चाहिए। निम्नलिखित दस्तावेज रखें:
- स्टांप्ड रेंट एग्रीमेंट, दोनों पक्षों के हस्ताक्षर सहित।
- मासिक रेंट रसीदें, मकान मालिक के साइन के साथ।
- बैंक स्टेटमेंट, जिसमें किराया ट्रांसफर का स्पष्ट प्रमाण हो।
- मकान मालिक का PAN नंबर, आयकर सत्यापन के लिए।
- रिश्ते का स्पष्ट ब्योरा, फॉर्म में नया कॉलम।
ये दस्तावेज न होने पर क्लेम रद्द हो सकता है। मकान मालिक को भी अपनी रेंटल इनकम ITR में दिखानी होगी।
क्या करें अब?
कर्मचारियों को सलाह है कि मार्च तक रेंट एग्रीमेंट नवीनीकृत कर लें, सभी भुगतान डिजिटल रखें और चार्टर्ड अकाउंटेंट से सलाह लें। फॉर्म 26AS और पुराने क्लेम चेक करें। यह बदलाव वित्त वर्ष 2026-27 से लागू होगा, जो कर चोरी रोककर प्रणाली को मजबूत बनाएगा। ईमानदार टैक्सपेयर को चिंता की कोई बात नहीं, लेकिन लापरवाही महंगी पड़ेगी। सतर्क रहें और समय रहते दस्तावेज तैयार रखें।















