मेरठ से प्रयागराज तक, उत्तर प्रदेश का हर कोना अपनी खासियत रखता है। लेकिन जब बात प्रशासनिक ताकत की आती है, तो प्रयागराज का नाम सबसे ऊपर चमकता है। यहां आठ तहसीलें हैं, जो पूरे राज्य में किसी भी जिले से ज्यादा हैं। यह तथ्य न सिर्फ सामान्य ज्ञान के शौकीनों को हैरान करता है, बल्कि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए भी एक बड़ा सरप्राइज है। आइए जानते हैं इसकी पूरी कहानी।

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तहसीलों का महत्व
तहसीलें जिला व्यवस्था की जान हैं। हर तहसील एक SDM के नेतृत्व में चलती है, जो जमीन के रिकॉर्ड से लेकर कानून व्यवस्था तक सब संभालती है। प्रयागराज में सदर सबसे मुख्य है, जहां जिला मुख्यालय है। फूलपुर और सोरांव गंगा किनारे बसे हैं, जो धार्मिक आयोजनों का केंद्र हैं। हंडिया किसानों का भरोसा है, जबकि करछना ग्रामीण विकास का मजबूत आधार। बारा, मेजा और कोरांव सीमावर्ती इलाके हैं, जो पड़ोसी जिलों के साथ जुड़े मसलों को निपटाते हैं। ये आठों मिलकर जिले को एक मजबूत इकाई बनाती हैं।
राज्य का कुल आंकड़ा
उत्तर प्रदेश में 75 जिले हैं और कुल 351 तहसीलें। प्रयागराज इस सूची में नंबर वन है। पहले लोग आजमगढ़ को भी इतनी ही तहसीलों वाला मानते थे, लेकिन अब प्रयागराज आगे निकल गया। राज्य सरकार ने हाल के वर्षों में कई नई तहसीलें बनाई हैं ताकि गांवों तक सेवा पहुंचे। फिर भी प्रयागराज का रिकॉर्ड अब तक टूटा नहीं। यह व्यवस्था ब्रिटिश जमाने से चली आ रही है, लेकिन आजादी के बाद पंचायती राज ने इसे और मजबूत किया।
कुंभ का खास कनेक्शन
प्रयागराज को प्रयागराज बनाने का एक बड़ा कारण कुंभ मेला है। 2025 के महाकुंभ में लाखों लोग आए। तहसीलों ने दस्तावेज चेकिंग, जमीन बंटवारे और सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभाई। कोरोना काल में भी इन्होंने टीके लगवाए और राहत पहुंचाई। लेकिन चुनौतियां भी हैं। कर्मचारियों की कमी, पुरानी तकनीक और कभी कभार भ्रष्टाचार की बातें सामने आती रहती हैं। जिला मजिस्ट्रेट ने अब ई-सेवाओं पर जोर दिया है, ताकि लोग घर बैठे काम करा सकें।
GK क्विज में धमाल
स्कूलों से लेकर PCS परीक्षाओं तक, यह सवाल हिट है। यूपी का सबसे बड़ा जिला क्षेत्र में लखीमपुर खीरी है, लेकिन तहसीलों में प्रयागराज राजा। छात्र इसे रट लें तो अच्छे नंबर पक्के। यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि शासन की मिसाल है। ग्रामीण योजनाएं जैसे किसान सम्मान निधि, मनरेगा और आवास स्कीम यहीं से चलती हैं।
भविष्य की संभावनाएं
आगे चलकर नई तहसीलें बन सकती हैं, लेकिन फिलहाल प्रयागराज का जलवा बरकरार है। यह जिला न सिर्फ धार्मिक केंद्र है, बल्कि प्रशासनिक मॉडल भी। अगर आप GK के धुरंधर बनना चाहते हैं, तो ऐसे तथ्यों पर नजर रखें। प्रयागराज साबित करता है कि संख्या के साथ दक्षता भी जरूरी है। राज्य सरकार अगर इसी तरह विस्तार करे, तो शासन और मजबूत होगा।
प्रयागराज की यह ताकत पूरे यूपी के लिए प्रेरणा है। गांव हो या शहर, तहसीलें ही असली सेवक हैं।















