केंद्र सरकार ने राशन कार्ड धारकों की नई सूची मार्च 2026 के लिए जारी कर दी है। इस अपडेट में लाखों परिवारों के नाम कट गए हैं, खासकर पंजाब और उत्तर भारत के जिलों में। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले वास्तविक लाभार्थियों तक सब्सिडी वाला अनाज पहुंचाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। अमृतसर जैसे शहरों में स्थानीय राशन दुकानों और कार्यालयों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। कई परिवार अभी भी अनजान हैं कि उनका नाम लिस्ट से गायब हो चुका है।

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नाम कटने की बड़ी वजहें क्या हैं?
सरकार ने सिस्टम को पारदर्शी बनाने के लिए सख्त वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू की है। सबसे आम समस्या डुप्लीकेट राशन कार्ड है। कई घरों में पुराने कार्ड न सौंपने से दोहरी एंट्री हो जाती है। इसके अलावा मृतक सदस्यों के नाम न हटाने वाले परिवार भी निशाने पर हैं। डेटाबेस से मिलान पर ऐसे हजारों नाम बाहर हो रहे हैं। आर्थिक स्थिति भी बड़ा फैक्टर है। जिन परिवारों की सालाना कमाई डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा है या जो टैक्स भरते हैं, उनके नाम हटाए जा रहे। इसी तरह जिनके पास बड़ी बिजली कनेक्शन, वाहन या संपत्ति है, उन्हें अयोग्य माना जा रहा। पंजाब के ग्रामीण इलाकों में सर्वे के दौरान ऐसी अनियमितताएं सामने आईं, जिससे स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया।
पंजाब और अमृतसर पर खास असर
राज्य स्तर पर पंजाब सरकार ने अपने पोर्टल पर नई लिस्ट अपलोड कर दी है। अमृतसर जिले की तहसीलों जैसे अजनाला, तरन तारन रोड और शहर क्षेत्र में दस से पंद्रह प्रतिशत नाम गायब हो चुके। ग्रामीण महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं क्योंकि सब्सिडी चावल और आटा बंद होने से रसोई का खर्च दोगुना हो गया। व्यापारियों का कहना है कि दुकानों पर अब सख्त जांच हो रही है। बिना वैलिड कार्ड वाले ग्राहियों को सामान नहीं मिल रहा। यह बदलाव साल भर से चल रही सफाई मुहिम का हिस्सा है, जिसमें करोड़ों गलत लाभार्थी बाहर हो चुके।
घर बैठे नाम चेक करने का आसान तरीका
लोगों को घबराने की जरूरत नहीं। सरकारी वेबसाइट पर जाकर पल भर में स्टेटस पता किया जा सकता है। सबसे पहले nfsa.gov.in खोलें। राज्य पोर्टल सेक्शन में पंजाब चुनें। फिर जिला अमृतसर, अपनी तहसील या ब्लॉक और राशन डिपो सिलेक्ट करें। नाम, मोबाइल नंबर या कार्ड नंबर डालकर सर्च बटन दबाएं। परिणाम तुरंत स्क्रीन पर आ जाएगा। राज्य का अपना पोर्टल food.punjab.gov.in भी उपयोगी है। यहां मोबाइल ऐप mFPD डाउनलोड कर आधार लिंकिंग चेक की जा सकती है। सुबह दस से शाम पांच तक स्थानीय कार्यालयों में भी जानकारी ली जा सकती।
नाम कटा तो क्या उपाय करें?
अगर नाम लिस्ट से गायब मिले तो तुरंत एक्शन लें। नजदीकी फूड इंस्पेक्शन कार्यालय या तहसील में अपील दायर करें। आधार कार्ड, बैंक पासबुक, वोटर आईडी और आय का प्रमाण-पत्र साथ ले जाएं। ई-केवाईसी सेंटर पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराएं, जो सात दिनों में पूरा हो जाता। हेल्पलाइन नंबर 1967 पर कॉल कर सहायता लें। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नियमित अपडेट रखें ताकि भविष्य में परेशानी न हो। यह प्रक्रिया सिस्टम को मजबूत बनाएगी और सही लोगों तक लाभ पहुंचाएगी। अमृतसरवासी आज ही चेक करें, वरना बाजार के महंगे दामों का सामना करना पड़ेगा। सरकार की मुहिम जारी है, इसलिए सतर्क रहें।















