
भारत सरकार और राज्य सरकारें गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को सशक्त बनाने के लिए लगातार नई-नई योजनाएं चला रही हैं। इनमें बेटियों की शादी जैसे सामाजिक दबावों से निपटने वाली योजनाएं खास तौर पर सराहनीय हैं। पंजाब सरकार की ‘आशीर्वाद योजना’ इन्हीं में अग्रणी है, जो अनुसूचित जाति (SC), पिछड़ा वर्ग (BC) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के परिवारों को बेटी की शादी के लिए 51,000 रुपये की सीधी नकद सहायता प्रदान करती है।
पहले ‘शगुन योजना’ के नाम से जानी जाने वाली यह स्कीम जुलाई 2021 में 21,000 रुपये से बढ़ाकर 51,000 रुपये की गई, लेकिन हाल के वर्षों में विलंब से लाभार्थी परेशान रहे। अब राज्य के मंत्री बलजीत कौर ने ऐलान किया है कि 256 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र 50,189 पात्र परिवारों के खातों में हस्तांतरित कर दी जाएगी।
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योजना का उद्देश्य और महत्व
यह योजना पंजाब के उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है, जहां बेटी की शादी के खर्चे आर्थिक बोझ बन जाते हैं। पात्रता के मानदंड सरल हैं: लाभार्थी परिवार पंजाब का मूल निवासी होना चाहिए, लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष पूरी होनी चाहिए, और वर की 21 वर्ष। SC/BC/EWS श्रेणी के अलावा, परिवार की वार्षिक आय सीमा निर्धारित है। योजना का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह रोकना, लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना और सामाजिक समानता सुनिश्चित करना है।
ऊपरी उत्तर प्रदेश की ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ की तुलना में जहां सहायता हाल ही में 1 लाख रुपये तक बढ़ाई गई है (जिसमें 60,000 रुपये नकद, 25,000 उपहार और 15,000 आयोजन खर्च शामिल), पंजाब की योजना अभी 51,000 रुपये पर टिकी है, लेकिन इसकी पहुंच व्यापक है। हरियाणा की ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ और झारखंड की ‘शादी अनुदान योजना’ भी इसी पैटर्न पर काम करती हैं, जो 30,000 से 51,000 रुपये तक सहायता देती हैं।
हालिया अपडेट और चुनौतियां
हालांकि, योजना में देरी ने कई परिवारों को निराश किया है। पिछले कुछ समय से पेंडिंग आवेदनों के कारण लाभार्थी दर-दरवाजे भटक रहे थे। मंत्री बलजीत कौर ने विधानसभा में बताया कि विभाग ने विशेष अभियान चलाकर सत्यापन पूरा कर लिया है। “हम जल्द ही DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए राशि जारी करेंगे, ताकि शादी का मौसम शुरू होने से पहले परिवार राहत पाएं,” उन्होंने कहा। यह कदम पंजाब सरकार की सामाजिक कल्याण प्रतिबद्धता को दर्शाता है, खासकर जब केंद्र स्तर पर कोई एकसमान ‘पीएम शादी शगुन योजना’ जैसी स्कीम मुस्लिम लड़कियों तक सीमित रही है।
आवेदन प्रक्रिया
आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन है, जो ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सुविधाजनक बनाती है। सबसे पहले पंजाब सरकार की आधिकारिक वेबसाइट (जैसे socialjustice.gov.in या संबंधित विभाग पोर्टल) से ‘आशीर्वाद योजना’ फॉर्म डाउनलोड करें। फॉर्म में वर-वधू का विवरण, परिवार की आय और श्रेणी भरें। आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड (मोबाइल लिंक्ड), पासपोर्ट साइज फोटो, जाति प्रमाण पत्र (SC/BC के लिए), निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण और शादी का प्रमाण शामिल हैं।
भरे फॉर्म को नजदीकी जिला कल्याण अधिकारी, तहसील या SC/BC विंग कार्यालय में जमा करें। शादी से पहले या 30 दिनों बाद आवेदन स्वीकार्य है, और सत्यापन के बाद राशि सीधे कन्या के खाते में आती है।
निष्कर्ष और सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाएं लिंग समानता को मजबूत करेंगी, लेकिन पारदर्शिता और समयबद्ध वितरण जरूरी है। पंजाब में 50,000 से अधिक लाभार्थियों को फायदा पहुंचाने से हजारों परिवारों का भविष्य संवर सकता है। इच्छुक परिवार तुरंत स्थानीय कार्यालय संपर्क करें, क्योंकि बजट आवंटन सीमित है। यह न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का व्यावहारिक रूप भी।















