
केंद्र सरकार की दीनदयाल अंत्योदय योजना (DAY) देश के करोड़ों गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों से प्रेरित यह योजना ग्रामीण और शहरी गरीबों को स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण, आश्रय और वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (NULM) के तहत चलाई जा रही इस योजना ने अब तक लाखों महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य हासिल किया है।
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योजना का व्यापक स्वरूप
दीनदयाल अंत्योदय योजना 2011 में शुरू हुई, लेकिन 2014-15 से इसे पूर्ण रूप से लागू किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में 10 करोड़ गरीब परिवारों को लक्ष्य बनाकर स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से आय वृद्धि सुनिश्चित की जाती है। शहरी हिस्से में सड़क विक्रेताओं, बेघरों और slum निवासियों को प्राथमिकता दी जाती है। हालिया अपडेट्स के अनुसार, DAY 2.0 लॉन्च हो चुका है, जिसमें शहरी गरीबों को 20 लाख तक का सब्सिडी वाला माइक्रोक्रेडिट मिलेगा।
योजना के चार मुख्य घटक हैं: सामाजिक जुटाव, वित्तीय समावेशन, आजीविका संवर्धन और सामाजिक विकास। ग्रामीण इलाकों में स्टार्ट-अप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम (SVEP) और आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना (AGEY) के तहत उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में सिटी लाइवलीहुड सेंटर्स बाजार-आधारित कौशल सिखाते हैं। 2025 तक 10.05 करोड़ ग्रामीण परिवार 90.9 लाख SHG से जुड़ चुके हैं।
लाभों की भरमार
यह योजना रोजगार से लेकर घर तक सबकुछ देती है। गरीब महिलाओं को मुफ्त ट्रेनिंग, 50,000 रुपये तक की सहायता और 10 लाख तक का लोन उपलब्ध है। शहरी बेघरों को 30 रुपये में भरपेट भोजन और बेड की व्यवस्था मिल रही है, जैसा बिहार के जमुई में देखा गया। लोन पर 5-7% ब्याज सब्सिडी और माइक्रो-एंटरप्राइजेज के लिए सहायता प्रमुख हैं। ग्रामीणों को घर निर्माण के लिए वित्तीय मदद दी जाती है।
2025 के आंकड़ों में 17.50 लाख युवाओं को प्रशिक्षण और 11.48 लाख को नौकरी मिली। रूरल सेल्फ एंप्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स (RSETI) ने 56.69 लाख को ट्रेन किया। बिहार, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश टॉप परफॉर्मर हैं, जहां SHG की संख्या सबसे अधिक है। 11 लाख करोड़ रुपये का ऋण SHG को वितरित हो चुका।
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
BPL परिवार, सड़क विक्रेता, बेघर, SC/ST, महिलाएं और 18-60 आयु वर्ग के लोग पात्र हैं। दस्तावेजों में आधार कार्ड, आय प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण, वोटर आईडी, बैंक पासबुक और फोटो जरूरी हैं। आवेदन के लिए aajeevika.gov.in या mohua.gov.in पर रजिस्टर करें। स्थानीय पंचायत, नगर निगम या SHG से संपर्क करें। प्रक्रिया सरल है- ऑनलाइन फॉर्म भरें, दस्तावेज अपलोड करें, सत्यापन के बाद 5-15 दिनों में लाभ शुरू। वैकेंसी, टेंडर और सर्कुलर भी पोर्टल पर उपलब्ध।
चुनौतियां और भविष्य
हालांकि योजना सफल है, लेकिन जागरूकता की कमी और क्रियान्वयन में देरी चुनौतियां हैं। 2026-31 के लिए समीक्षा में ग्रामीण महिला उद्यमिता पर फोकस है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 6 करोड़ ‘लखपति दिदियों’ का लक्ष्य दोहराया। यह योजना गरीबी मिटाने में मील का पत्थर साबित हो रही है।















