केंद्र सरकार ने गर्भवती महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत अब सहायता राशि बढ़कर 6000 रुपये हो गई है। यह राशि सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी, जिससे महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए आसानी होगी। योजना का लक्ष्य असंगठित क्षेत्र की महिलाओं को मजबूत बनाना है, जो रोजगार से वंचित रह जाती हैं।

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योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
यह योजना गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को आर्थिक मदद देती है। इसका फोकस पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच और सुरक्षित प्रसव पर है। पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को विशेष प्राथमिकता मिलती है। अगर दूसरी संतान बेटी हो, तो अतिरिक्त लाभ भी जुड़ जाता है। कुल मिलाकर यह परिवार की आर्थिक स्थिति को स्थिर रखने में मदद करता है। लाखों महिलाएं इससे लाभान्वित हो चुकी हैं।
कौन ले सकता है लाभ?
पहली बार गर्भवती महिलाएं, जिनकी उम्र 18 साल से ज्यादा हो। दूसरी संतान अगर बेटी हो, तो भी पात्रता बनती है। सरकारी नौकरी या अन्य मातृत्व लाभ न लेने वाली महिलाएं ही आवेदन कर सकती हैं। भारत की नागरिकता जरूरी है। ग्रामीण इलाकों में आंगनवाड़ी केंद्रों पर और शहरों में स्वास्थ्य केंद्रों पर जानकारी उपलब्ध रहती है।
सहायता राशि कैसे मिलेगी?
पहली जीवित संतान पर कुल 5000 रुपये तीन किस्तों में वितरित होते हैं। पहली किस्त गर्भधारण पंजीकरण पर 1000 रुपये, दूसरी छह महीने पूरे होने पर 2000 रुपये और तीसरी जन्म के बाद टीकाकरण पर 2000 रुपये। दूसरी बेटी के मामले में 6000 रुपये एकमुश्त मिलते हैं। अगर दोनों शर्तें पूरी हों, तो अधिकतम 11000 रुपये तक संभव है। यह सब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से आधार लिंक्ड खाते में आता है।
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आवेदन की आसान प्रक्रिया
नजदीकी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या एएनएम से संपर्क करें। फॉर्म भरें और जरूरी कागजात जमा करें। इनमें आधार कार्ड, बैंक पासबुक, गर्भधारण प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र और बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र शामिल हैं। ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी आवेदन किया जा सकता है। स्टेटस चेक करने के लिए सरकारी वेबसाइट पर लॉगिन करें। कोई समस्या हो तो टोल फ्री नंबर पर कॉल करें। समय पर रजिस्ट्रेशन सबसे महत्वपूर्ण है।
2026 में क्या नया है?
इस साल जागरूकता अभियान तेज हो गए हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर पहुंच रही हैं। पंजाब जैसे राज्यों में हजारों महिलाओं ने लाभ उठाया है। वायरल खबरों में 6000 रुपये की बात सही है, लेकिन यह चरणबद्ध तरीके से मिलती है। अफवाहों से बचें और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। योजना ने मातृत्व को सुरक्षित और सशक्त बनाया है।
महिलाओं के लिए सुनहरा अवसर
गर्भावस्था एक खुशी का समय है, लेकिन आर्थिक चिंताएं इसे कठिन बना देती हैं। यह योजना उन चिंताओं को दूर करती है। लुधियाना जिले में स्थानीय स्तर पर अभियान चल रहे हैं। सभी पात्र महिलाओं से अपील है कि जल्द आवेदन करें। स्वस्थ मां से स्वस्थ बच्चा पैदा होता है, और मजबूत बच्चे मजबूत राष्ट्र बनाते हैं। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी केंद्र पर जाएं।















