भारत के युवा आबादी को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार ने स्किल इंडिया डिजिटल हब के जरिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 2026 के नए कोर्सेस ने खासतौर पर डेटा साइंस और ड्रोन पायलटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है। ये कोर्सेस पूरी तरह मुफ्त हैं, घर बैठे उपलब्ध हैं और इन्हें पूरा करने पर मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट मिलता है, जो करियर की नई राहें खोलते हैं। लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए यह अवसर नौकरी पाने का सुनहरा द्वार साबित हो रहा है।

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उभरते क्षेत्रों पर केंद्रित नए कोर्सेस
स्किल इंडिया डिजिटल हब पर डेटा साइंस के क्षेत्र में कई आकर्षक कोर्सेस जोड़े गए हैं। इनमें डेटा एनालिटिक्स की बुनियादी अवधारणाएं, मशीन लर्निंग मॉडल्स बनाना, जेनरेटिव एआई और पायथन आधारित एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषय शामिल हैं। ये कोर्सेस युवाओं को बिग डेटा की दुनिया में प्रवेश करने की पूरी ट्रेनिंग देते हैं, जहां वे एनालिस्ट या डेटा साइंटिस्ट जैसे पदों के लिए तैयार हो सकते हैं।
दूसरी ओर, ड्रोन टेक्नोलॉजी के शौकीनों के लिए किसान ड्रोन ऑपरेटर, ड्रोन डेवलपर सर्टिफिकेशन, ड्रोन्स के फंडामेंटल्स और पायलटिंग सिस्टम जैसे कोर्सेस उपलब्ध हैं। ये मॉड्यूल्स ड्रोन की तकनीकी संरचना, उड़ान नियंत्रण, एग्रीकल्चर में उपयोग और मेंटेनेंस पर गहन जानकारी देते हैं। कुल मिलाकर, ये कोर्सेस इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों के अनुरूप डिजाइन किए गए हैं।
रजिस्ट्रेशन से सर्टिफिकेट तक आसान प्रक्रिया
इस प्लेटफॉर्म पर जुड़ना बेहद सरल है। कोई भी युवा अपनी मोबाइल नंबर या आधार कार्ड का इस्तेमाल करके वेबसाइट पर मुफ्त रजिस्ट्रेशन कर सकता है। कोर्स चुनने के बाद वीडियो लेक्चर्स, इंटरएक्टिव क्विज और प्रैक्टिकल असाइनमेंट्स के जरिए पढ़ाई पूरी करनी होती है। कोर्स खत्म करने और अंतिम परीक्षा पास करने पर डिजिटल सर्टिफिकेट तुरंत डाउनलोड हो जाता है। यह सर्टिफिकेट नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा मान्य है और रिज्यूमे में मजबूती जोड़ता है। सबसे खास बात, इसमें कोई छिपी फीस या अतिरिक्त खर्च नहीं है, जो ग्रामीण और छोटे शहरों के युवाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है।
नौकरी और प्लेसमेंट के शानदार अवसर
सर्टिफिकेट हासिल करने के बाद युवाओं को प्लेटफॉर्म का इनबिल्ट जॉब पोर्टल और अप्रेंटिसशिप सेक्शन मिलता है, जहां कंपनियां सीधे कैंडिडेट्स से जुड़ती हैं। डेटा साइंस के जानकार टेक कंपनियों में एनालिटिक्स रोल्स पा सकते हैं, जबकि ड्रोन पायलट्स कृषि, सर्वेक्षण और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में काम हासिल कर सकते हैं। ड्रोन कोर्सेस के बाद डीजीसीए जैसे नियामक निकायों से लाइसेंस लेना जरूरी होता है, जो अतिरिक्त विश्वसनीयता प्रदान करता है। कई पार्टनर संस्थानों के साथ टाई-अप से इंटर्नशिप और जॉब प्लेसमेंट के मौके बढ़ जाते हैं। पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य में ड्रोन ऑपरेटर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है, जहां फसल निगरानी और स्प्रे करने के लिए ये स्किल्ड युवा अहम भूमिका निभा सकते हैं।
भविष्य की स्किलिंग का आधार
2026 में डिजिटल इंडिया की यह पहल न केवल बेरोजगारी कम करने में मददगार है, बल्कि युवाओं को ग्लोबल कॉम्पिटिटिव बनाएगी। डेटा साइंस क्षेत्र में सालाना 30 प्रतिशत से अधिक ग्रोथ और ड्रोन मार्केट का विस्तार देखते हुए ये कोर्सेस समय पर सही दिशा दिखाते हैं। सरकार का लक्ष्य करोड़ों युवाओं को स्किल्ड बनाना है, जो आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार करेंगे। अगर आप भी अपना करियर नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं, तो आज ही स्किल इंडिया डिजिटल हब पर रजिस्टर करें। यह न केवल स्किल्स देगा, बल्कि सफलता का रास्ता भी प्रशस्त करेगा।















