देशभर के करोड़ों गरीब परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़े बदलाव की घोषणा की है। अब सभी राशन कार्ड धारकों को 28 फरवरी तक ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से पूरा कराना होगा। यदि यह प्रक्रिया समय पर न हो पाई, तो मार्च 2026 से मुफ्त गेहूं और चावल का वितरण बंद हो जाएगा। यह कदम सिस्टम को पारदर्शी बनाने और वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने के मकसद से उठाया गया है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत करोड़ों परिवार सस्ते अनाज पर निर्भर हैं। पिछले कुछ सालों में फर्जी नामों और डुप्लिकेट कार्डों की शिकायतें बढ़ी हैं। इसी को रोकने के लिए आधार आधारित सत्यापन जरूरी किया गया है। पंजाब जैसे राज्य में जहां लाखों किसान परिवार इस व्यवस्था पर भरोसा करते हैं, वहां यह नियम लाखों को प्रभावित करेगा। समय रहते कार्रवाई न करने से लोग भूखे न रहें, इसके लिए जागरूकता अभियान तेज कर दिए गए हैं।

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ई-केवाईसी क्यों जरूरी?
ई-केवाईसी से लाभार्थी की पहचान पूरी तरह सत्यापित हो जाती है। इसमें फिंगरप्रिंट, आईरिस या मोबाइल ओटीपी का इस्तेमाल होता है। कई परिवारों ने वर्षों से अपडेट नहीं किया, जिससे सिस्टम में गड़बड़ियां आईं। अब हर पांच साल में यह दोहराना पड़ेगा। अगर छह महीने तक राशन न लिया जाए, तो कार्ड अपने आप निष्क्रिय हो जाएगा। उच्च आय वाले या सरकारी नौकरी करने वालों की पुन: जांच होगी, ताकि असली गरीबों को प्राथमिकता मिले। ग्रामीण क्षेत्रों में यह बदलाव सबसे ज्यादा असर दिखाएगा।
प्रक्रिया कितनी आसान?
यह काम कुछ ही मिनटों में हो जाता है। सबसे पहले नजदीकी राशन दुकान या कॉमन सर्विस सेंटर पर पहुंचें। आधार कार्ड साथ ले जाएं और बायोमेट्रिक सत्यापन करा लें। अगर इंटरनेट सुविधा है, तो सरकारी पोर्टल पर राशन कार्ड नंबर डालकर ओटीपी से अपडेट करें। मोबाइल ऐप भी उपलब्ध हैं, जिनसे घर बैठे काम बन जाता है। माइग्रेंट मजदूर किसी भी राज्य की दुकान से लाभ ले सकेंगे। पूरी प्रक्रिया मुफ्त है और विशेष कैंप भी लग रहे हैं।
क्या होगा असर?
इससे प्रणाली में भ्रष्टाचार कम होगा और सालाना खरबों रुपये की बचत संभव है। वन नेशन वन राशन कार्ड स्कीम मजबूत बनेगी। हालांकि, बुजुर्गों और डिजिटल रूप से कमजोर लोगों को थोड़ी परेशानी हो सकती है। स्थानीय स्तर पर हेल्पलाइन नंबर सक्रिय हैं। अमृतसर जिले में प्रशासन ने स्कूलों और मंदिरों में जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि यह गरीबी उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम है।
तुरंत करें कार्रवाई
राशन कार्ड अब सिर्फ अनाज ही नहीं, बल्कि गैस कनेक्शन और अन्य योजनाओं का आधार भी है। देरी न करें। टोल फ्री नंबर पर कॉल करें या नजदीकी केंद्र जाएं। समय पर ई-केवाईसी से परिवार का भविष्य सुरक्षित रहेगा। सरकार का संदेश साफ है, पारदर्शिता ही प्रगति का आधार है।















