उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ने के लिए एक अनोखी पहल शुरू की है। इस अभियान के तहत दस लाख लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की निःशुल्क ट्रेनिंग दी जाएगी। घर बैठे उपलब्ध यह मौका राज्य के छात्रों, किसानों, महिलाओं और नौकरीपेशा लोगों के लिए खुला है। सरकार का लक्ष्य साफ है- डिजिटल युग में कौशल संपन्न मानव संसाधन तैयार कर प्रदेश को तकनीकी नेतृत्व प्रदान करना।

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कार्यक्रम का व्यापक दायरा
यह पहल राज्य को एआई के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ट्रेनिंग में एआई के मूल सिद्धांतों से लेकर मशीन लर्निंग, डेटा विश्लेषण और साइबर सुरक्षा तक की बारीकियां शामिल हैं। ग्रामीण इलाकों के किसान फसल प्रबंधन में एआई का उपयोग सीख सकेंगे, वहीं शिक्षक अपनी कक्षाओं को अधिक प्रभावी बना सकेंगे। चिकित्सक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के उपाय जान सकेंगे। हर महीने डेढ लाख लोगों को प्रशिक्षित करने का प्लान है, जो पूरे वर्ष में निर्धारित लक्ष्य को पूरा करेगा।
किसे मिलेगा लाभ?
इस ट्रेनिंग में कोई भेदभाव नहीं। राज्य के निवासी चाहे छात्र हों, बेरोजगार युवा, सरकारी कर्मचारी या स्वयं सहायता समूह की महिलाएं- सभी पात्र हैं। कोई न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता या आयु सीमा तय नहीं की गई। विशेष रूप से पिछड़े क्षेत्रों जैसे बुंदेलखंड और पूर्वांचल पर फोकस रहेगा। ट्रेनिंग पूरी करने पर प्रमाण पत्र मिलेगा, जो नौकरी या स्वरोजगार में सहायक सिद्ध होगा। महिलाओं के लिए अलग से प्रोत्साहन योजनाएं जोड़ी गई हैं, ताकि उनकी भागीदारी बढ़े।
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आसान तरीके से जुड़ाव
ट्रेनिंग पूरी तरह ऑनलाइन है। संबंधित सरकारी वेबसाइट पर जाकर नाम, मोबाइल नंबर और आधार विवरण भरना होगा। एक बार सत्यापन हो जाए, तो पसंदीदा कोर्स चुनकर सीखना शुरू कर सकते हैं। छोटे-छोटे मॉड्यूल्स के कारण व्यस्त जीवन में भी इसे अपनाना सरल है। जिला स्तर पर अधिकारी निगरानी रखेंगे, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। ऑफलाइन सत्र भी प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में आयोजित हो रहे हैं, जहां आधुनिक लैब सुविधाएं उपलब्ध हैं।
साझेदारी से मजबूती
प्रदेश सरकार ने बड़ी तकनीकी कंपनियों के साथ हाथ मिलाया है। ये साझेदार गुणवत्तापूर्ण सामग्री और विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। राज्य का सूचना प्रौद्योगिकी विभाग इसकी नोडल एजेंसी है। वैश्विक सहयोग से न केवल ट्रेनिंग का स्तर ऊंचा होगा, बल्कि स्थानीय स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा मिलेगा। एआई आधारित उद्योगों में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे, जिससे आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
भविष्य की नींव
फरवरी 2026 तक यह कार्यक्रम पूर्ण गति से चल रहा है। पहले चरण में हजारों ने लाभ उठाया। मुख्यमंत्री ने इसे आत्मनिर्भर भारत का हिस्सा बताते हुए युवाओं से अपील की है कि वे इस सुनहरे अवसर को हाथ से न जाने दें। एआई न केवल नौकरियां देगा, बल्कि जीवन को सरल बनाएगा। कृषि से स्वास्थ्य तक हर क्षेत्र में इसका प्रभाव दिखेगा। उत्तर प्रदेश इस तरह डिजिटल क्रांति का केंद्र बनेगा, जहां हर नागरिक तकनीक का मालिक होगा। युवा ऊर्जा के साथ यह सपना साकार हो रहा है।















