
भारतीय रेलवे (Indian Railways) से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है, रेलवे और IRCTC ने टिकटों की कालाबाजारी और दलाली को जड़ से खत्म करने के लिए आधार वेरिफिकेशन (Aadhaar Verification) को लेकर कड़े नियम लागू कर दिए हैं अब अगर आपके पास आधार कार्ड नहीं है या वह आपके IRCTC अकाउंट से लिंक नहीं है, तो कन्फर्म सीट पाना आपके लिए मुश्किल हो सकता है।
यह भी देखें: Airtel 365 Validity Plan: एयरटेल का एक रिचार्ज और साल भर फ्री, सबसे सस्ता सालाना प्लान लॉन्च
Table of Contents
दलालों का खेल खत्म, यात्रियों को बड़ी राहत
अक्सर देखा जाता था कि दलाल फर्जी आईडी के जरिए सेकंडों में टिकट बुक कर लेते थे, जिससे आम आदमी को कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता था IRCTC के इस बड़े फैसले से अब उन दलालों की नींद उड़ गई है जो सॉफ्टवेयर के जरिए टिकटों की हेराफेरी करते थे नए नियमों के अनुसार, अब रियल-टाइम आधार प्रमाणीकरण के बिना टिकट बुक करना संभव नहीं होगा।
क्या हैं नए नियम? (मुख्य बिंदु)
रेलवे ने टिकट बुकिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए निम्नलिखित बदलाव किए हैं:
- रिजर्वेशन पीरियड (ARP) के पहले दिन सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक केवल वही यूजर्स टिकट बुक कर पाएंगे जिनका अकाउंट आधार लिंक्ड है।
- तत्काल कोटे में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अब आधार आधारित ओटीपी (OTP) वेरिफिकेशन जरूरी कर दिया गया है।
- अब बुकिंग के दौरान यात्री के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा, जिसे दर्ज करने के बाद ही ट्रांजैक्शन पूरा होगा।
- रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, आधार प्रमाणीकरण लागू होने से फर्जी खातों पर रोक लगी है और वास्तविक यात्रियों के लिए कन्फर्म टिकट की उपलब्धता में 65% का सुधार दर्ज किया गया है।
यह भी देखें: Mobile Theft Safety: फोन चोरी होते ही करें ये 5 जरूरी काम, UPI और डेटा तुरंत सुरक्षित
फटाफट कर लें अपना आधार लिंक, वरना नहीं मिलेगा टिकट
अगर आपने अभी तक अपना IRCTC प्रोफाइल आधार से अपडेट नहीं किया है, तो आप इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:
- IRCTC की वेबसाइट पर Login करें।
- ‘My Profile’ सेक्शन में जाकर ‘Aadhaar KYC’ विकल्प चुनें।
- अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें।
- रजिस्टर्ड मोबाइल पर आए OTP को सबमिट करें।
- वेरिफिकेशन पूरा होते ही आपका अकाउंट ‘आधार ऑथेंटिकेटेड’ हो जाएगा।
रेलवे का यह कदम ‘डिजिटल इंडिया’ की ओर एक और मजबूत कदम है, जिससे आम यात्री को बिना किसी परेशानी के सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से सीट मिल सकेगी।















