
अगर आप भी छुट्टियों में परिवार के साथ लंबी तीर्थ यात्रा या देश के अलग-अलग कोनों में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो भारतीय रेलवे की एक खास स्कीम आपके हजारों रुपये बचा सकती है। अक्सर लोग हर गंतव्य के लिए अलग-अलग टिकट बुक करते हैं जो काफी महंगी पड़ती है, लेकिन रेलवे का ‘सर्कुलर जर्नी टिकट’ (Circular Journey Ticket) इस समस्या का सबसे किफायती समाधान है।
Table of Contents
क्या है सर्कुलर जर्नी टिकट?
भारतीय रेलवे का यह नियम उन यात्रियों के लिए है जो एक ही सफर में कई शहरों की यात्रा करना चाहते हैं। इस टिकट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह वहां से शुरू होती है जहां से यात्री अपनी यात्रा शुरू करता है और अलग-अलग स्टेशनों से होते हुए वापस उसी प्रारंभिक स्टेशन पर समाप्त होती है। एक ही टिकट पर आप अधिकतम 8 अलग-अलग स्टेशनों पर रुक सकते हैं।
पैसों की होगी भारी बचत (Telescopic Rates का फायदा)
न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, अलग-अलग टिकट खरीदने के बजाय सर्कुलर जर्नी टिकट लेने पर किराए में 25% से 30% तक की बचत हो सकती है। इसका कारण रेलवे का ‘टेलिस्कोपिक रेट’ सिद्धांत है, जिसमें यात्रा की दूरी जितनी लंबी होती है, प्रति किलोमीटर किराया उतना ही कम हो जाता है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘डबल’ खुशखबरी
रेलवे वरिष्ठ नागरिकों को इस टिकट पर विशेष रियायत भी देता है। यदि यात्रा 1,000 किलोमीटर से अधिक की है, तो:
- पुरुष यात्रियों (60 वर्ष या अधिक) को किराए में 40% की छूट मिलती है।
- महिला यात्रियों (58 वर्ष या अधिक) को किराए में 50% की छूट दी जाती है।
कैसे काम करता है यह नियम?
- यात्री को अपना पूरा यात्रा मार्ग खुद तय करना होता है, इसमें यात्रा का अंत उसी स्टेशन पर होना अनिवार्य है जहां से वह शुरू हुई थी।
- यह टिकट 56 दिनों तक वैध रहता है, जिससे यात्री बिना किसी हड़बड़ी के हर शहर में समय बिता सकते हैं।
- यह टिकट ऑनलाइन (IRCTC) उपलब्ध नहीं है, इसके लिए आपको स्टेशन के मंडल वाणिज्य प्रबंधक (DCM) या संबंधित अधिकारियों को अपना रूट देना होगा, जिसके बाद काउंटर से टिकट जारी किया जाएगा।
टूरिस्ट्स के लिए स्टैंडर्ड रूट भी मौजूद
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने पहले से ही कुछ ‘स्टैंडर्ड सर्कुलर रूट’ तैयार किए हैं, जिनमें देश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थल शामिल हैं यात्री इनमें से भी किसी एक को चुनकर सीधे बुकिंग काउंटर से टिकट प्राप्त कर सकते हैं।















