
नदियाँ न केवल हमारी प्यास बुझाती हैं, बल्कि खेती और उद्योगों के लिए भी प्रकृति की ‘लाइफलाइन’ मानी जाती हैं। भारत की गंगा और नर्मदा की तरह दुनिया भर में लगभग 165 ऐसी बड़ी नदियाँ हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी खास पहचान रखती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन हज़ारों नदियों में से सबसे गहरी नदी कौन सी है? पानी का यह विशाल स्रोत अपनी गहराई में कई रहस्य समेटे हुए है, जिसे जानना हर किसी के लिए दिलचस्प है।
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नदियाँ
नदियाँ केवल पानी का स्रोत नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता की जीवन रेखा हैं। खेती-बाड़ी से लेकर बड़े उद्योगों और पीने के साफ पानी की जरूरतों को पूरा करने में इनका सबसे बड़ा योगदान है। पूरी दुनिया में लगभग 165 अंतरराष्ट्रीय नदियाँ बहती हैं, जिनकी अपनी खास पहचान है। जिस तरह भारत में गंगा, यमुना, नर्मदा और ब्रह्मपुत्र जैसी नदियाँ पूजनीय और प्रसिद्ध हैं, ठीक उसी तरह दुनिया के हर देश की अपनी प्रमुख नदियाँ हैं जो वहां की अर्थव्यवस्था और प्रकृति का संतुलन बनाए रखती हैं।
दुनिया की सबसे गहरी नदी
ज्यादातर लोग गंगा या यमुना को ही सबसे विशाल मानते हैं, लेकिन गहराई के मामले में बाजी कोई और ही मार ले जाता है। दुनिया की सबसे गहरी नदी कांगो नदी (Congo River) है, जो अफ्रीका महाद्वीप में बहती है। इसकी गहराई इतनी अधिक है कि कुछ स्थानों पर यह 220 मीटर (लगभग 720 फीट) तक पहुँच जाती है। अपनी इसी खासियत के कारण यह नदी वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए हमेशा से कौतूहल का विषय रही है।
कहाँ से शुरू होती है कांगो नदी ?
दुनिया की सबसे गहरी नदी, कांगो नदी, पूर्वी अफ्रीका के रिफ्ट (Rift) वाले ऊंचे इलाकों से निकलती है। इसके मुख्य जल स्रोतों में जाम्बिया की चंबेशी नदी और दुनिया की दूसरी सबसे गहरी झील, तांगानिका झील (Lake Tanganyika) शामिल हैं। यहाँ से शुरू होकर यह नदी अफ्रीका के घने जंगलों के बीच से अपना रास्ता बनाती है।
कांगो नदी का अंत
पूर्वी अफ्रीका से शुरू होने वाली कांगो नदी पश्चिम-मध्य अफ्रीका के विशाल भूभाग को सींचते हुए अंत में अटलांटिक महासागर में जाकर मिल जाती है। दिलचस्प बात यह है कि इस नदी को पहले ‘जैरे नदी’ (Zaire River) के नाम से भी पुकारा जाता था। अपनी गहराई के साथ-साथ, यह दुनिया की दूसरी सबसे अधिक जल प्रवाह (Water Discharge) वाली नदी भी मानी जाती है।
कांगो नदी की लंबाई और जल प्रवाह
जल विसर्जन (Water Discharge) के मामले में यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी नदी मानी जाती है। इसकी विशालता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसकी कुल लंबाई लगभग 4,700 किलोमीटर (2,920 मील) है। लंबाई के इस आंकड़े के साथ, यह नील नदी के बाद अफ्रीका महाद्वीप की दूसरी सबसे लंबी नदी का गौरव रखती है।















