देशभर के असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के चेहरों पर आज खुशी की लहर दौड़ गई है। केंद्र सरकार ने ई-श्रम कार्ड योजना में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए फरवरी 2026 से नया नियम लागू कर दिया है। इसके तहत पेंशन राशि में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ ही पांच नए लाभ श्रमिकों के लिए उपलब्ध हो गए हैं। यह कदम करोड़ों दिहाड़ी मजदूरों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
ई-श्रम कार्ड योजना को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 2021 में शुरू किया था ताकि असंगठित श्रमिकों को एक डिजिटल पहचान मिल सके। निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले व्यापारी, घरेलू कामगार और अन्य दैनिक मजदूरी करने वालों के लिए यह योजना वरदान साबित हो रही है। पोर्टल पर पंजीकरण कराने से श्रमिकों को यूनिक पहचान संख्या मिलती है, जो विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का द्वार खोलती है। पहले पेंशन की राशि सीमित थी, लेकिन अब वृद्धावस्था में अधिक सहायता सुनिश्चित की गई है।

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नए नियम के तहत पांच प्रमुख लाभ
नया नियम लागू होते ही श्रमिक समुदाय में उत्साह है। सबसे बड़ा बदलाव पेंशन में है, जहां अब 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र मजदूरों को प्रतिमाह 3000 रुपये की पेंशन मिलेगी। यह राशि मजदूर के योगदान और सरकारी सहभागिता से जुड़ी है, जिससे पुरानी निर्भरता कम हो जाएगी। दूसरा लाभ आर्थिक सहायता का है, जिसमें आपात स्थिति जैसे बीमारी या दुर्घटना में 18000 रुपये तक सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित हो सकेंगे। शादी या बच्चों की शिक्षा के लिए भी विशेष अनुदान का प्रावधान जोड़ा गया है।
तीसरा महत्वपूर्ण फायदा बीमा कवरेज का विस्तार है। दुर्घटना में मृत्यु होने पर अब चार लाख रुपये तक का बीमा लाभ मिलेगा, जबकि चोट लगने पर दो लाख रुपये की सहायता उपलब्ध होगी। चौथा बदलाव KYC प्रक्रिया को सरल और अनिवार्य बनाना है। आधार कार्ड और बैंक खाते को लिंक करने तथा बायोमेट्रिक सत्यापन से लाभ सीधे खाते में पहुंचेंगे, बिना किसी विलंब के। पांचवां लाभ औजार खरीद या छोटे व्यवसाय के लिए कम ब्याज पर ऋण सुविधा है, जो दैनिक कामकाज को आसान बनाएगा।
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कौन पात्र हैं और कैसे उठाएं लाभ?
इस योजना का लाभ उन श्रमिकों को मिलेगा जिनकी आयु 18 से 60 वर्ष के बीच हो और वे असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हों। आधार कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है। आवेदन प्रक्रिया बेहद आसान है। ई-श्रम की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर मोबाइल नंबर से ओटीपी सत्यापन करें। व्यक्तिगत विवरण भरने के बाद नजदीकी CSC केंद्र पर बायोमेट्रिक पूरा कराएं। पूरी प्रक्रिया मुफ्त है, हालांकि कुछ जगहों पर मामूली सहायता शुल्क लग सकता है।
श्रमिकों की प्रतिक्रिया और भविष्य की उम्मीदें
देश के विभिन्न हिस्सों से श्रमिक संगठनों ने इस बदलाव का स्वागत किया है। चंडीगढ़, दिल्ली और बिहार जैसे क्षेत्रों में पंजीकरण केंद्रों पर भीड़ बढ़ गई है। एक मजदूर नेता ने कहा कि यह कदम सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है, लेकिन पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जरूरत है। वायरल संदेशों में अतिशयोक्ति हो सकती है, इसलिए आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें। हेल्पलाइन नंबर 14434 पर संपर्क कर अपडेट प्राप्त करें।
2026 के बजट में इस योजना के लिए भारी आवंटन की संभावना से श्रमिक वर्ग उत्साहित है। यह योजना न केवल आर्थिक मदद देगी, बल्कि मजदूरों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी प्रदान करेगी। असंगठित क्षेत्र के इन नायकों के लिए यह नया दौर उम्मीदों भरा है।















