
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) आधार कार्ड के मौजूदा डिजाइन में एक क्रांतिकारी बदलाव करने की तैयारी में है, निजता (Privacy) को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए अब नए आधार कार्ड पर कार्डधारक का 12-अंकीय आधार नंबर, घर का पता और जन्मतिथि जैसी संवेदनशील जानकारियां प्रिंट नहीं होंगी, इसकी जगह अब कार्ड पर केवल फोटो और एक सुरक्षित QR कोड ही दिखाई देगा।
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क्यों बदला जा रहा है डिजाइन?
UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार के अनुसार, इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य आधार कार्ड की फोटोकॉपी के जरिए होने वाले डेटा दुरुपयोग को रोकना है। अक्सर होटल चेक-इन, बैंक केवाईसी या सिम कार्ड खरीदते समय आधार की फोटोकॉपी जमा की जाती है, जिससे व्यक्तिगत जानकारी लीक होने का खतरा रहता है, नए डिजाइन में बिना QR कोड स्कैन किए किसी की भी गोपनीय जानकारी हासिल करना असंभव होगा।
QR कोड से कैसे होगी वेरिफिकेशन?
- सिलेक्टिव शेयरिंग: नए आधार ऐप के माध्यम से वेरिफिकेशन के दौरान आप यह चुन सकेंगे कि सामने वाले को कितनी जानकारी दिखानी है (जैसे केवल नाम या केवल जन्मतिथि)।
- सुरक्षित स्कैनिंग: अधिकृत संस्थान ही विशेष टूल या UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट द्वारा मान्य ऐप से QR कोड स्कैन कर सकेंगे, जिससे पेपरलेस और सुरक्षित वेरिफिकेशन सुनिश्चित होगा।
- डिजिटल पहचान: यह बदलाव ऑफलाइन वेरिफिकेशन की जगह डिजिटल और रीयल-टाइम वेरिफिकेशन को बढ़ावा देगा।
कब से लागू होंगे नए नियम?
सूत्रों और हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, UIDAI इस नए फॉर्मेट को दिसंबर 2025 या उसके बाद चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बना रहा है। फिलहाल इस योजना पर विचार किया जा रहा है और जल्द ही आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।















