Join Youtube

PM Vishwakarma Scheme: ट्रेनिंग के दौरान रोज मिलेंगे ₹500, साथ ही टूलकिट के लिए ₹15,000; यहाँ देखें पूरी डिटेल

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'PM विश्वकर्मा योजना' (PM Vishwakarma Scheme) पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए वरदान साबित हो रही है, वर्ष 2026 में भी यह योजना पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू है, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है

Published On:
PM Vishwakarma Scheme: ट्रेनिंग के दौरान रोज मिलेंगे ₹500, साथ ही टूलकिट के लिए ₹15,000; यहाँ देखें पूरी डिटेल
PM Vishwakarma Scheme: ट्रेनिंग के दौरान रोज मिलेंगे ₹500, साथ ही टूलकिट के लिए ₹15,000; यहाँ देखें पूरी डिटेल

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘PM विश्वकर्मा योजना’ (PM Vishwakarma Scheme) पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए वरदान साबित हो रही है, वर्ष 2026 में भी यह योजना पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू है, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। 

यह भी देखें: PM Kisan 22nd Installment Date: किसान योजना की किस्त आने की तारीख फाइनल? इस दिन किसानों के खाते में आएंगे ₹2,000

ट्रेनिंग और टूलकिट का खास लाभ

इस योजना का सबसे प्रमुख आकर्षण ट्रेनिंग और टूलकिट प्रोत्साहन है:

  • ट्रेनिंग स्टाइपेंड: लाभार्थियों को 5-7 दिनों की बेसिक ट्रेनिंग और 15 दिनों की एडवांस्ड ट्रेनिंग दी जाती है, इस दौरान उन्हें ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड सीधा उनके बैंक खाते में मिलता है।
  • ₹15,000 का टूलकिट: बेसिक ट्रेनिंग शुरू होने पर कारीगरों को आधुनिक औजार खरीदने के लिए ₹15,000 का ई-वाउचर (अनुदान) दिया जाता है। हालिया अपडेट के अनुसार, अब तक लाखों कारीगरों को यह लाभ मिल चुका है। 

लोन और डिजिटल प्रोत्साहन

हुनरमंद कारीगरों को अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए वित्तीय मदद भी दी जा रही है:

  • बिना गारंटी लोन: योजना के तहत ₹3 लाख तक का लोन मात्र 5% ब्याज दर पर उपलब्ध है, यह दो चरणों (₹1 लाख और ₹2 लाख) में दिया जाता है।
  • डिजिटल इंसेंटिव: डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए हर ट्रांजैक्शन पर ₹1 (अधिकतम 100 ट्रांजैक्शन प्रतिमाह) का प्रोत्साहन दिया जाता है। 

यह भी देखें: February Facts: फरवरी ही क्यों होता है सबसे छोटा महीना? 2000 साल पुरानी कहानी जानें

कौन उठा सकता है फायदा? (पात्रता)

योजना में 18 पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है, जिनमें प्रमुख हैं: 

  • बढ़ई (सुतार), लोहार, सुनार, कुम्हार, राजमिस्त्री, मोची, नाई, धोबी, दर्जी और मछली का जाल बनाने वाले।
  • आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
  • परिवार का केवल एक सदस्य ही आवेदन कर सकता है। सरकारी कर्मचारी या उनके परिवार के लोग इसके पात्र नहीं हैं। 

आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया

आवेदन के लिए इच्छुक कारीगर अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं, पंजीकरण के बाद आवेदन तीन चरणों के सत्यापन से गुजरता है: 

  • प्रथम चरण: ग्राम पंचायत या शहरी स्थानीय निकाय स्तर पर।
  • द्वितीय चरण: जिला कार्यान्वयन समिति द्वारा।
  • तृतीय चरण: स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा अंतिम मंजूरी। 

सफलतापूर्वक पंजीकरण के बाद, लाभार्थियों को PM विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और ID कार्ड प्रदान किया जाता है, जो उन्हें एक नई पेशेवर पहचान देता है। 

PM Vishwakarma Scheme
Author
info@divcomkonkan.in

Leave a Comment

संबंधित समाचार

🔥 वायरल विडिओ देखें