हवाई यात्रा का रोमांच कभी-कभी मौत के साथ जुआ खेलने जैसा हो जाता है। कारिबियन सागर के साबा द्वीप पर बसा जुआन्चो ई. यारुस्किन हवाई अड्डा इसका जीता-जागता उदाहरण है। दुनिया का सबसे छोटा व्यावसायिक हवाई अड्डा कहलाने वाला यह स्थान मात्र 400 मीटर लंबे रनवे के साथ विमानन की दुनिया में चमत्कारिक मिसाल पेश करता है। एक तरफ ऊंची-ऊंची चट्टानें, दूसरी तरफ उफनता अटलांटिक महासागर। यहां विमान लैंड करते ही पायलट की सांसें थम सी जाती हैं, क्योंकि रनवे खत्म होते ही नीला समंदर यात्रियों को निगलने को बेताब खड़ा मिलता है।

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स्थान और निर्माण की रोचक दास्तान
साबा द्वीप नीदरलैंड्स के कारिबियन क्षेत्र का एक छोटा सा रत्न है, जहां ज्वालामुखी की चोटियां और समुद्री लहरें प्रकृति का नजारा बिखेरती हैं। इस द्वीप की आबादी मुश्किल से दो हजार है, लेकिन पर्यटन यहां की जान है। 1959 में एक साहसी पायलट रेमी डी हानेन ने पहली बार यहां उतरने का जोखिम मोल लिया। उनकी इस सफल कोशिश ने द्वीपवासियों के दिलों में उम्मीद जगाई।
तीन साल की मेहनत के बाद 1963 में हवाई अड्डा तैयार हुआ। उद्घाटन समारोह 18 सितंबर को धूमधाम से हुआ, लेकिन उड़ानें जुलाई से ही शुरू हो चुकी थीं। आज यह द्वीप की धमक है, क्योंकि नाव या फेरी से पहुंचना आसान नहीं। पर्यटक डाइविंग, हाइकिंग और प्राकृतिक सौंदर्य का मजा लेने यहीं आते हैं।
रनवे की चुनौतियां, पायलटों का साहस परिक्षण
सामान्य हवाई अड्डों पर रनवे 1800 से 4000 मीटर लंबे होते हैं, लेकिन यहां की पट्टी महज 396 मीटर की है। ऊंचाई समुद्र तल से मात्र 18 मीटर है। तेज हवाएं द्वीप के चारों ओर घूमती रहती हैं, जो लैंडिंग को सर्कस का स्टंट बना देती हैं। विमान छोटे Cessna मॉडल के होते हैं, जो विंडवर्ड एक्सप्रेस जैसी कंपनियां चलाती हैं। सेंट मार्टेन और सेंट किट्स जैसे पड़ोसी द्वीपों से रोजाना उड़ानें आती-जाती हैं।
पायलटों को खास ट्रेनिंग लेनी पड़ती है। ब्रेक लगाने में मिलीमीटर की गलती भी भारी पड़ सकती है। चट्टानों से टकराव या समुद्र में डुबकी का खतरा हर पल मंडराता है। आश्चर्यजनक रूप से अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, जो पायलटों की महारत को सलाम करता है।
सुविधाएं और द्वीप की जिंदगी
टर्मिनल बेसिक है। वेटिंग एरिया, चेक-इन काउंटर और ईंधन स्टेशन मौजूद हैं, लेकिन लग्जरी की कोई बात नहीं। कोई ड्यूटी फ्री शॉप या कैफे नहीं। पर्यावरण को बचाने पर जोर है, इसलिए हर सुविधा सीमित रखी गई है। द्वीप की अर्थव्यवस्था इसी हवाई अड्डे पर टिकी है। पर्यटक यहां आकर समुद्री जीवन देखते हैं, ज्वालामुखी ट्रेकिंग करते हैं। स्थानीय लोग जरूरी सामान और दवाओं के लिए भी इंतजार करते हैं। हवाई अड्डे का आईएटीए कोड SAB है, जो दुनिया भर में मशहूर है। वीडियो में इन लैंडिंग्स को देखकर यात्री सिहर उठते हैं।
भविष्य की उम्मीदें और सबक
साबा सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की योजना बना रही है। ज्यादा उड़ानें, बेहतर सुरक्षा और पर्यटन बढ़ाने का सपना है। यह हवाई अड्डा साबित करता है कि सीमित संसाधनों में भी इंसानी हिम्मत पहाड़ हिला सकती है। यात्रियों के अनुभव मिले-जुले हैं। कोई इसे साहसिक सवारी कहता है, तो कोई जोखिम भरा। लेकिन साबा पहुंचने का यह इकलौता रास्ता है।
इस तरह जुआन्चो ई. यारुस्किन हवाई अड्डा खतरे और जरूरत का प्रतीक है। हर टेकऑफ एक कहानी लिखता है, जो इंजीनियरिंग और साहस की मिसाल बनती है। रोमांच के शौकीनों के लिए यह स्वर्ग है, लेकिन सावधानी ही भगवान है।















