Join Youtube

UPI Charge Truth: क्या हर UPI ट्रांजेक्शन पर लगेगा चार्ज? क्या है खबर जानें

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ये अफवाह आपको डरा रही है कि हर UPI पेमेंट पर अब पैसे कटेंगे। PhonePe, GPay महंगे हो जाएंगे क्या? बजट के बाद बढ़ी ये चिंता असल में फर्जी है। पूरी सच्चाई जानें, जेब बचाने के टिप्स लें!

Published On:

डिजिटल पेमेंट्स का सबसे बड़ा नाम यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI आज हर भारतीय के स्मार्टफोन में बस्ता है। रोजमर्रा की छोटी-मोटी खरीदारी से लेकर बड़े लेन-देन तक, UPI ने कैश की जगह ले ली है। लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर एक नई अफवाह ने हंगामा मचा दिया है। दावा किया जा रहा है कि हर UPI ट्रांजेक्शन पर अब चार्ज लगेगा।

बजट सत्र के बाद यह बहस और तेज हो गई। लोग पूछ रहे हैं, क्या अब PhonePe, Google Pay या BHIM इस्तेमाल करना महंगा पड़ जाएगा। सच्चाई जानने पर पता चलता है कि यह महज भ्रम है। आम यूजर्स के लिए UPI ट्रांजेक्शन पूरी तरह मुफ्त ही रहेंगे।

UPI Charge Truth: क्या हर UPI ट्रांजेक्शन पर लगेगा चार्ज? क्या है खबर जानें

बजट ने क्यों बढ़ाई चिंता

पिछले महीने पेश हुए केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री ने डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छोटे व्यापारियों और ग्राहकों के लिए डिजिटल पेमेंट्स सस्ते रखे जाएंगे। 2000 रुपये तक के व्यक्ति से व्यापारी लेन-देन पर कोई मर्चेंट डिस्काउंट रेट नहीं लगेगा। सरकार खुद बैंकों को इसके लिए सब्सिडी देगी।

बड़ी रकम वाले ट्रांजेक्शन पर कुछ बड़े व्यापारियों को मामूली फीस देनी पड़ सकती है, लेकिन ग्राहक की जेब पर कोई कटौती नहीं होगी। यह व्यवस्था UPI को सशक्त बनाए रखने के लिए है, क्योंकि हर महीने अरबों ट्रांजेक्शन हो रहे हैं। पिछले साल ही UPI ने 150 अरब से ज्यादा पेमेंट्स हैंडल किए, जो दुनिया भर में सबसे तेज रफ्तार वाला पेमेंट सिस्टम है।

पुरानी अफवाहें क्यों लौट आईं

ऐसी अफवाहें नई नहीं हैं। साल 2025 में कुछ बैंकों ने पेमेंट एग्रीगेटर्स पर बहुत मामूली शुल्क लगाया था, जो सिस्टम के रखरखाव के लिए था। यह राशि सीधे ग्राहकों से नहीं ली गई। इसी तरह, वॉलेट बेस्ड पेमेंट्स पर 2000 रुपये से ऊपर के ट्रांजेक्शन के लिए 0.5 से 1.1 फीसदी तक इंटरचेंज फीस का प्रस्ताव आया था। लेकिन बैंक खाते से बैंक खाते के सीधे UPI ट्रांजेक्शन हमेशा फ्री रहे। व्यक्ति से व्यक्ति भेजना हो या दुकान पर QR स्कैन करना हो, कोई शुल्क नहीं। व्हाट्सएप फॉरवर्ड्स और छोटे वीडियोज ने भ्रम फैलाया, लेकिन आधिकारिक बयानों ने इन्हें खारिज कर दिया। NPCI ने बार-बार कहा है कि यूजर्स को घबराने की कोई जरूरत नहीं।

नए नियमों की सच्चाई

2026 में UPI के कुछ नए नियम जरूर लागू हुए हैं, लेकिन ये सुविधा बढ़ाने वाले हैं। सामान्य दैनिक लिमिट 1 लाख रुपये है। इंश्योरेंस, शिक्षा, यात्रा या सरकारी भुगतान जैसी खास श्रेणियों में प्रति ट्रांजेक्शन 5 लाख तक और रोजाना 10 लाख तक की सीमा हो गई है। नए यूजर्स के लिए पहले दिन 5000 रुपये की कैप है। UPI लाइट छोटे पेमेंट्स के लिए पिन फ्री है।

क्रेडिट कार्ड से UPI पर कुछ मामलों में शुल्क लग सकता है, लेकिन व्यक्ति से व्यक्ति ट्रांसफर प्रतिबंधित हैं। असफल ट्रांजेक्शन पर कोई पेनल्टी नहीं, रकम ऑटो रिवर्स हो जाती है। अप्रैल से टू-फैक्टर सिक्योरिटी अनिवार्य हो गई है, जो धोखाधड़ी रोकने में मदद करेगी। व्यवसायी अपनी रसीदों पर जीएसटी दें, लेकिन यूजर को टैक्स का बोझ नहीं।

भविष्य में सतर्क रहें

भविष्य में बड़े मर्चेंट्स पर 0.25 से 0.30 फीसदी MDR लग सकता है ताकि सिस्टम आत्मनिर्भर बने। लेकिन फिलहाल सब कुछ वैसा ही है। UPI ने भारत को कैशलेस बनाने में क्रांति ला दी है। करोड़ों लोग इससे जुड़े हैं। सलाह यही है कि अफवाहों पर भरोसा न करें। हमेशा बैंक ऐप, NPCI वेबसाइट या सरकारी पोर्टल से ताजा जानकारी लें। डिजिटल इंडिया का सपना तभी साकार होगा जब हम फैक्ट्स पर चलें, फॉरवर्ड्स पर नहीं। UPI फ्री रहेगा, बस स्मार्ट इस्तेमाल करें।

Author
info@divcomkonkan.in

Leave a Comment

🔥 वायरल विडिओ देखें