बेटी की शादी का खर्च अब गरीब परिवारों के लिए परेशानी का कारण नहीं रहेगा। पंजाब सरकार ने आशीर्वाद योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों को विवाह के मौके पर पचास हजार एक सौ रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया है। यह योजना खासतौर पर अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर तबके और अन्य पात्र परिवारों के लिए शुरू की गई है। सालों से चली आ रही इस पहल ने अब तक हजारों घरों को कर्ज के जाल से बचाया है।

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योजना का पूरा इतिहास और मकसद
यह योजना राज्य में बेटियों के विवाह को आसान बनाने के लिए 1997 में शुरू हुई थी। शुरुआत में सहायता राशि महज पांच हजार एक सौ रुपये थी, जो समय के साथ बढ़ाकर इक्कीस हजार और अब पचास हजार एक सौ रुपये कर दी गई। इसका सीधा लक्ष्य आर्थिक तंगी झेल रहे परिवारों को राहत पहुंचाना है, ताकि वे बेटी की शादी के लिए उधार न लें। विधवा या तलाकशुदा महिलाओं के पुनर्विवाह को भी इसमें शामिल किया गया है। परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही इसका लाभ मिल सकता है। सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि लड़कियों का सशक्तिकरण भी मजबूत होगा।
पात्र परिवार कौन से हैं?
हर कोई इस योजना का फायदा नहीं ले सकता। लाभ लेने के लिए कुछ सख्त शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं। सबसे पहले लड़की पंजाब की मूल निवासी होनी चाहिए और उसकी उम्र अठारह साल से ज्यादा हो। परिवार की सालाना कमाई पैंतीस हजार रुपये के आसपास या उससे कम होनी चाहिए। अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, ईसाई परिवार या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग ही आवेदन कर सकते हैं। अगर परिवार ने पहले किसी दूसरी सरकारी शादी योजना से मदद ली है, तो यह लाभ बंद हो जाता है। शादी की तारीख से तीस दिन पहले या बाद में आवेदन जमा किया जा सकता है। कुछ खास मामलों में छह महीने तक का समय भी मिल जाता है।
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जरूरी कागजात की सूची
आवेदन सही तरीके से पास करने के लिए दस्तावेजों का पूरा सेट तैयार रखें। आधार कार्ड लड़की, माता-पिता और लाभार्थी परिवार का अनिवार्य है। इसके अलावा जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र लगेंगे। बैंक पासबुक लड़की के नाम की कॉपी जरूरी है, क्योंकि राशि सीधे खाते में जाती है। शादी का सबूत देने के लिए निमंत्रण पत्र, फोटो या धार्मिक स्थल की तस्वीर काम आती है। राशन कार्ड, श्रमिक कार्ड और एक शपथ पत्र भी जोड़ना पड़ता है। गलत कागजात देने पर पूरा आवेदन रद्द हो सकता है।
आवेदन का आसान तरीका
अब प्रक्रिया काफी सरल हो गई है। ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आधार से लॉगिन करें और फॉर्म भरें। दस्तावेज स्कैन करके अपलोड कर दें। सबमिट करने के बाद आवेदन नंबर मिलेगा, जिससे स्थिति पता चलती रहेगी। अगर ऑनलाइन मुश्किल लगे तो नजदीकी सामाजिक कल्याण कार्यालय, तहसील या जिला अधिकारी के पास ऑफलाइन फॉर्म जमा करें। हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके भी मदद ली जा सकती है। शादी से पहले आवेदन करने पर जल्दी राशि मिलने की संभावना रहती है। प्रोसेसिंग में पंद्रह से तीस दिन लगते हैं। सरकार ने हाल ही में इसे पूरी तरह डिजिटल बना दिया है, जिससे कागजी घमासान कम हो गया।
असर और भविष्य की उम्मीदें
इस योजना ने राज्य भर में सकारात्मक बदलाव लाया है। कई परिवारों ने बताया कि इसके बिना शादी टल जाती। जागरूकता अभियान तेज करने की जरूरत है ताकि कोई पात्र व्यक्ति छूट न जाए। व्हाट्सएप और एसएमएस अलर्ट से अब सूचना तेजी से पहुंच रही है। यह न केवल पैसे की मदद है, बल्कि बेटियों को सम्मानजनक जीवन देने का सरकारी वादा है। अगर आपके आसपास कोई पात्र परिवार है, तो उन्हें प्रोत्साहित करें। अधिक जानकारी के लिए सरकारी वेबसाइट चेक करें।















