आजकल डिजिटल भुगतान का जमाना है और यूपीआई ने लेनदेन को अत्यंत सरल बना दिया है। लेकिन कई बार लेनदेन विफल हो जाने पर उपभोक्ताओं का धन उनके खातों में फंस जाता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने ऐसे मामलों में उपभोक्ता संरक्षण के लिए कड़े उपाय लागू किए हैं। यदि बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता समय पर धन वापसी सुनिश्चित नहीं करते, तो उन्हें प्रतिदिन 100 रुपये का जुर्माना चुकाना पड़ेगा। गूगल पे, फोनपे और पेटीएम जैसे लोकप्रिय एप्प के करोड़ों उपयोगकर्ताओं को इससे बड़ी राहत मिलेगी।

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नियमों का आधारभूत ढांचा
यूपीआई लेनदेन विफल होने पर डेबिट राशि को लेनदेन की तारीख या उसके अगले एक कार्य दिवस तक खाते में जमा होना अनिवार्य है। यदि ऐसा नहीं होता, तो अगले कार्य दिवस से प्रत्येक दिन 100 रुपये का मुआवजा उपयोगकर्ता को प्रदान किया जाएगा। यह प्रावधान केवल तकनीकी खराबी के मामलों में लागू होता है, न कि उपयोगकर्ता की त्रुटियों जैसे गलत यूपीआई आईडी या राशि पर। उदाहरणस्वरूप, यदि 12 फरवरी को भुगतान विफल होता है और 13 फरवरी तक धन वापस नहीं आता, तो 14 फरवरी से बैंक को दैनिक मुआवजा देना होगा।
वास्तविक आंकड़ों पर नजर
पिछले वर्ष यूपीआई लेनदेन की संख्या 14 अरब से अधिक पहुंच चुकी है, जबकि विफलता दर मात्र 1-2 प्रतिशत है। फिर भी लाखों उपभोक्ता समय-समय पर परेशानी का सामना करते हैं। राष्ट्रीय भुगतान निगम ऑफ इंडिया के सहयोग से जारी ये दिशानिर्देश सभी बैंकों और तृतीय-पक्ष एप्प पर बाध्यकारी हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे प्रमुख बैंक अब अपनी प्रणालियों को उन्नत कर रहे हैं ताकि धन वापसी में देरी न्यूनतम हो। एक अध्ययन से पता चलता है कि 40 प्रतिशत उपयोगकर्ताओं को कभी न कभी ऐसी समस्या घनीघर घटी है।
शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया
सर्वप्रथम यूपीआई एप्प के लेनदेन इतिहास खंड में समस्या रिपोर्ट करें। गूगल पे में सहायता अनुभाग और फोनपे में समर्थन टैब का उपयोग करें। लेनदेन आईडी, समय चिह्न और स्क्रीनशॉट संलग्न करना आवश्यक है। यदि 24 घंटों में समाधान न हो, तो बैंक की ग्राहक सेवा हेल्पलाइन पर संपर्क करें या शाखा का दौरा करें। लिखित शिकायत प्रबंधक को सौंपें। अंतिम विकल्प के रूप में आरबीआई की शिकायत प्रबंधन प्रणाली या एनपीसीआई का मैप्स मंच अपनाएं, जहां 30 दिनों में निपटारा हो जाता है।
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उपयोगकर्ता सुरक्षा के उपाय
विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि प्रत्येक लेनदेन का चित्रण संरक्षित रखें, स्थिर इंटरनेट से जुड़ें और यूपीआई पिन की गोपनीयता बनाए रखें। लुधियाना के व्यापारी रवि कुमार ने साझा किया, महीने भर पूर्व फोनपे पर 5,000 रुपये का लेनदेन विफल हुआ, जो अगले दिन ही वापस आ गया। वित्तीय सलाहकार डॉ. सुनील वर्मा का मत है कि यह कदम यूपीआई प्रणाली को और विश्वसनीय बनाएगा, हालांकि प्रदाताओं को पृष्ठभूमि अवसंरचना मजबूत करने की जरूरत है।
अपवाद और प्रभाव
यदि समस्या विक्रेता सर्वर या नेटवर्क दोष से उत्पन्न हो, तो भुगतान सेवा प्रदाता उत्तरदायी होता है। एसएमएस अलर्ट में वापसी समयसीमा सूचित की जाती है। आंकड़ों के अनुसार 95 प्रतिशत मामले अगले कार्य दिवस में हल हो जाते हैं। मुआवजा दावा करने पर धनराशि सीधे खाते में जमा हो जाती है।
ये नियम न केवल उपभोक्ता अधिकारों को सशक्त करते हैं, बल्कि नकदरहित अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित भी करते हैं। सरकार और आरबीआई निरंतर ऐसे प्रयासरत हैं। उपयोगकर्ता सजग रहें और आवश्यकता पर शिकायत से न हिचकिचाएं। डिजिटल शक्ति अब आपके नियंत्रण में है।















