ग्रामीण भारत के लाखों परिवारों को अब स्वच्छ पेयजल की सुलभ पहुंच मिलने वाली है। केंद्र सरकार ने घरेलू हैंडपंप लगवाने के लिए विशेष योजना शुरू की है, जिसमें योग्य लाभार्थियों को एक हजार से पंद्रह हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाएगी। यह कदम जल जीवन मिशन का हिस्सा है, जो हर घर तक शुद्ध पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखता है। हालिया बजट में ग्रामीण जल आपूर्ति के लिए मजबूत वित्तीय प्रावधान से योजना को नई रफ्तार मिली है। पंजाब के गांवों में पानी की किल्लत से जूझ रहे परिवारों के लिए यह वरदान साबित हो रही है।

योजना का मुख्य मकसद उन इलाकों में स्थायी जल स्रोत स्थापित करना है, जहां महिलाएं और बच्चे दूरस्थ कुओं या नदियों पर निर्भर हैं। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी कई घरों में पक्का जल कनेक्शन नहीं पहुंचा है। ऐसे में हैंडपंप न केवल तत्काल राहत देंगे, बल्कि भूजल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से पैसे पहुंचाने का तरीका पूरी तरह पारदर्शी है, जिससे लाभ सही जरूरतमंद तक पहुंचे। पंजाब जैसे राज्यों में गिरते जल स्तर के बीच यह योजना स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी।
Table of Contents
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
यह सहायता मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए है। जो परिवार बीपीएल सूची में दर्ज हैं, मुफ्त राशन लेते हैं, पेंशन पाते हैं या मनरेगा में काम करते हैं, उन्हें प्राथमिकता मिलेगी। घर में पहले से कोई हैंडपंप न होना चाहिए और पक्की जल टंकी का होना अनिवार्य है। परिवार का मुखिया आवेदन करेगा, बशर्ते वह बालिग हो। सरकारी कर्मचारी, आयकर दाता या उच्च आय वाले परिवार इससे वंचित रहेंगे। आवेदन के समय आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, घर की तस्वीर और मुखिया का फोटो जैसे दस्तावेज जमा करने पड़ेंगे। दिव्यांगजन और एकल महिलाओं को इसमें विशेष छूट का प्रावधान है।
Also Read- Free Sauchalay Yojana: शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 की सहायता, फॉर्म ऐसे भरें
कैसे करें आसान आवेदन?
प्रक्रिया को सरल रखा गया है ताकि ग्रामीण भाई-बहन आसानी से लाभ उठा सकें। राज्य स्तर के जल शक्ति या पेयजल विभाग की वेबसाइट पर जाकर फॉर्म प्राप्त करें। नाम, पूरा पता, आधार विवरण, बैंक खाता संख्या और परिवार पहचान पत्र भरें। सभी जरूरी कागजात स्कैन करके अपलोड कर दें। सबमिशन के बाद स्थानीय अधिकारी सत्यापन करेंगे और कुछ ही दिनों में राशि खाते में आ जाएगी। कई जगहों पर ग्राम पंचायत या ब्लॉक स्तर पर ऑफलाइन सहायता भी उपलब्ध है। फरवरी 2026 तक सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं, इसलिए देर न करें।
योजना के फायदे और भविष्य की दिशा
इससे न केवल पानी की समस्या हल होगी, बल्कि परिवारों का समय बचेगा जो शिक्षा और रोजगार में लग सकेगा। ग्रामीण महिलाओं को लंबी दूरी तय करने से मुक्ति मिलेगी। हालांकि जागरूकता फैलाने और तकनीकी मदद पहुंचाने की जरूरत है। लुधियाना के ग्रामीणों का कहना है कि गांव-गांव कैंप लगाकर आवेदन प्रक्रिया को और तेज किया जाए। सरकार ने आगामी वर्षों में फंड बढ़ाने का वादा किया है। समाजसेवी संस्थाएं भी इसमें सहयोग कर रही हैं।
पात्र परिवार जल्द से जल्द आवेदन करें, क्योंकि संसाधन सीमित हैं। अधिक जानकार के लिए नजदीकी पेयजल कार्यालय या सरकारी हेल्पलाइन से संपर्क करें। यह योजना ग्रामीण विकास की नई मिसाल बनेगी।















