ग्रामीण भारत की लाखों महिलाओं के लिए केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना एक वरदान साबित हो रही है। यह योजना स्वच्छ रसोई गैस को हर घर तक पहुंचाने का मिशन है, जो धुएं से होने वाली बीमारियों को जड़ से खत्म करने के साथ महिलाओं को समय और स्वास्थ्य की सौगात दे रही है। शुरूआती चरण से अब तक करोड़ों कनेक्शन वितरित हो चुके हैं, और नया वित्त वर्ष 25 लाख अतिरिक्त कनेक्शन जोड़ने की तैयारी में है। मोबाइल फोन से घर बैठे आवेदन की सुविधा ने इसे और सुलभ बना दिया है।

योजना का मूल मकसद गरीब परिवारों में एलपीजी का इस्तेमाल बढ़ाना है। हर योग्य महिला को पहला गैस सिलेंडर, चूल्हा, रेगुलेटर और सुरक्षा होज बिना किसी शुल्क के मिलता है। इसके बाद रिफिल पर सब्सिडी सीधे बैंक खाते में आती है, जिससे सालाना कई सिलेंडर सस्ते पड़ते हैं। हालिया फैसलों से यह लाभ 2026 तक जारी रहेगा, खासकर उन क्षेत्रों में जहां अभी भी लकड़ी या गोबर के चूल्हों पर निर्भरता है। पंजाब सहित उत्तरी राज्यों में इसका असर साफ दिख रहा है, जहां महिलाएं अब रसोई में घंटों की बजाय मिनटों में काम निपटा रही हैं।
Table of Contents
कौन ले सकता है लाभ?
इस योजना का फायदा उठाने वाली महिला कम से कम 18 साल की होनी चाहिए और परिवार का स्थायी निवासी होना जरूरी है। नाम राशन कार्ड पर दर्ज हो, और घर में पहले से कोई गैस कनेक्शन न हो। ग्रामीण इलाकों में सालाना आय एक लाख से कम, जबकि शहरों में दो लाख रुपये तक सीमा है। बीपीएल धारक या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवार आगे आते हैं। प्रवासी महिलाओं को भी सेल्फ डिक्लेरेशन से राहत मिली है, बिना राशन कार्ड के आवेदन संभव है। पुरुषों को यह सुविधा नहीं दी जाती, ताकि महिलाओं का नाम सीधे कनेक्शन पर जुड़े।
दस्तावेजों की आसान सूची
आवेदन के समय आधार कार्ड सबसे महत्वपूर्ण है। साथ में घर का पता साबित करने वाले कागज जैसे बिजली बिल या राशन कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी, एक फोटो और आय प्रमाण रखें। माइग्रेंट परिवार स्व घोषणा पत्र से आगे बढ़ सकते हैं। ये सब स्कैन करके अपलोड करने होते हैं, प्रक्रिया बिल्कुल डिजिटल है।
घर बैठे आवेदन की पूरी प्रक्रिया
सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर पहुंचें। राज्य और जिला चुनें, फिर अपनी पसंद की गैस कंपनी जैसे इंडेन, एचपी या भारत गैस सिलेक्ट करें। फॉर्म भरते समय नाम, मोबाइल नंबर, आधार विवरण, पूरा पता और बैंक जानकारी डालें। दस्तावेज अपलोड कर OTP से पुष्टि करें। सबमिट करने पर एक रेफरेंस नंबर मिलेगा, जिससे स्टेटस चेक कर सकें। आमतौर पर 10 से 15 दिन में सत्यापन पूरा हो जाता है और कनेक्शन घर आ जाता है। मोबाइल ऐप से भी ट्रैकिंग आसान है।
ऑफलाइन रास्ता भी सरल
अगर ऑनलाइन मुश्किल लगे तो नजदीकी गैस एजेंसी, कॉमन सर्विस सेंटर या ग्राम पंचायत जाएं। वहां फॉर्म लें, भरकर दस्तावेज संलग्न करें। एसएमएस अलर्ट्स से हर स्टेप की जानकारी मिलती रहती है।
2026 की नई जानकारियां
इस साल 2.5 लाख नए कनेक्शन खास तौर पर तैयार हैं। सब्सिडी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से मिलेगी, जिससे पैसे की बचत होगी। योजना मुफ्त है, इसलिए किसी बिचौलिए को पैसे न दें। फर्जी ऐप्स या वेबसाइट्स से दूर रहें। डिजिटल इंडिया के दौर में उज्ज्वला ने न केवल स्वास्थ्य बेहतर किया, बल्कि महिलाओं को सशक्त भी बनाया।
समय की बचत से बच्चे पढ़ाई में आगे बढ़ रहे हैं, घरेलू काम आसान हो गए हैं। पंजाब जैसे राज्य पूर्ण कवरेज की ओर अग्रसर हैं। अधिक लाभ के लिए आधिकारिक साइट चेक करें और आवेदन शुरू करें। यह बदलाव का मौका है, इसे हाथ से न जाने दें।















