ग्रामीण परिवारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण के तहत फ्री शौचालय योजना को जोरदार तरीके से फिर शुरू किया है। इस योजना से उन घरों को मदद मिलेगी जहां अभी शौचालय नहीं बना। हर पात्र परिवार को शौचालय बनाने के लिए पूरे बारह हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी।
यह कदम खुले में शौच की प्रथा को जड़ से खत्म करने और गांवों को पूरी तरह स्वच्छ बनाने की दिशा में मजबूत प्रयास है। महिलाओं व बच्चों की सेहत सुधारने के साथ ही जलजनित बीमारियों पर भी लगाम लगेगी।

इस योजना का मकसद ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता का स्तर ऊंचा उठाना है। पहले चरण में लाखों परिवारों ने फायदा उठाया लेकिन अभी भी कई जगह समस्या बाकी है। अब दूसरे चरण में पारदर्शी तरीके से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए पैसे पहुंचाए जाएंगे। इससे भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी। पंजाब बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के ग्रामीण इलाकों में लोग इस योजना को लेकर उत्साहित हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि इससे स्वास्थ्य खर्च में भारी कटौती होगी और गांवों का माहौल बदलेगा।
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कौन ले सकता है योजना का लाभ?
यह योजना खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के उन परिवारों के लिए है जिनके घर में शौचालय का निर्माण बाकी है। मुख्य शर्त यह है कि आवेदक का नाम स्थानीय पंचायत के रिकॉर्ड में दर्ज हो। साथ ही आधार कार्ड से जुड़ा बैंक खाता होना जरूरी है जिसमें डीबीटी की सुविधा उपलब्ध हो। एससी एसटी और ओबीसी वर्गों को प्राथमिकता मिलेगी। पहले से शौचालय वाले परिवारों को यह मदद नहीं दी जाएगी। गलत जानकारी देने पर आवेदन नामंजूर हो जाएगा। इसके लिए आधार कार्ड बैंक पासबुक जिसमें आईएफएससी कोड और खाता नंबर साफ लिखा हो मोबाइल नंबर और घर की तस्वीर जैसे दस्तावेज तैयार रखें। सब कुछ साफ सुथरा होना चाहिए ताकि सत्यापन आसान हो।
आवेदन कैसे करें?
घर बैठे ऑनलाइन आवेदन सबसे सुविधाजनक विकल्प है। सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। अपना मोबाइल नंबर डालकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें। लॉगिन करने के बाद फॉर्म में परिवार का विवरण बैंक की जानकारी भरें। जरूरी दस्तावेज अपलोड कर फॉर्म सबमिट करें। सफल आवेदन पर ट्रैकिंग नंबर मिलेगा जिससे स्थिति की जांच की जा सकती है। सत्यापन के बाद स्वीकृति मिलेगी और शौचालय बनने पर दो हिस्सों में बारह हजार रुपये बैंक में आ जाएंगे।
अगर ऑनलाइन मुश्किल लगे तो ऑफलाइन तरीका अपनाएं। नजदीकी ग्राम पंचायत या सीएससी केंद्र से फॉर्म लें। उसे भरकर जमा करें। पंचायत स्तर पर चयन सूची जारी होगी और फिर लाभ मिलेगा। किसी एजेंट को पैसे न दें क्योंकि पूरी प्रक्रिया मुफ्त है। स्थानीय पंचायत या युमंग ऐप से मदद लें।
योजना की सफलता व भविष्य की राह
हालांकि जागरूकता की कमी कुछ जगह बाधा बन रही है लेकिन सफल उदाहरण प्रेरणा दे रहे हैं। बिहार के अभियान से जुड़े मामलों में हजारों परिवारों ने शौचालय बनवाए। पंजाब के गांवों में भी इसी तरह उत्साह दिख रहा है। सरकार का लक्ष्य 2026 तक सभी गांवों को ओडीएफ प्लस बनाना है। इससे न सिर्फ स्वच्छता आएगी बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर भी ऊंचा होगा। इच्छुक परिवार जल्द आवेदन करें क्योंकि समय सीमित हो सकता है। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी पंचायत से संपर्क करें। यह योजना स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने का सुनहरा मौका है।















