
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) लाखों प्राइवेट नौकरीपेशा लोगों के रिटायरमेंट का सहारा है। अगर आपकी मासिक सैलरी (बेसिक + DA) ₹15,000 है, तो क्या आपको रिटायरमेंट के बाद ₹7,500 तक पेंशन मिल सकती है? आज हम सरल फॉर्मूले से इसकी गहराई से पड़ताल करेंगे। यह योजना नियोक्ता और कर्मचारी के 12% योगदान पर टिकी है, जिसमें नियोक्ता का 8.33% हिस्सा (₹1,250 तक) EPS में जाता है।
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EPS पेंशन का बेसिक फॉर्मूला
EPS पेंशन की गणना आसान सूत्र से होती है: मासिक पेंशन = (पेंशनेबल सैलरी × सेवा वर्ष) / 70। यहां पेंशनेबल सैलरी रिटायरमेंट से पहले 60 महीनों का औसत बेसिक + DA है, जो अधिकतम ₹15,000 तक कैप्ड है। न्यूनतम 10 वर्ष सेवा जरूरी है। उदाहरणस्वरूप, ₹15,000 सैलरी पर 35 वर्ष सेवा मानें तो (15,000 × 35) / 70 = ₹7,500 मासिक। यही अधिकतम सीमा है। 58 वर्ष की आयु पर फुल पेंशन मिलती है; 50 वर्ष से पहले 4% प्रति वर्ष कटौती होती है।
विभिन्न सेवा अवधि पर पेंशन उदाहरण
₹15,000 सैलरी को आधार मानकर:
| सेवा वर्ष | मासिक पेंशन (₹) | टिप्पणी |
|---|---|---|
| 10 | 2,143 | न्यूनतम योग्यता |
| 20 | 4,286 | औसत सेवा |
| 30 | 6,429 | अच्छी सेवा |
| 35 | 7,500 | अधिकतम (कैप्ड) |
मिसाल के तौर पर, 20 वर्ष काम करने वाले को ₹4,286 पेंशन मिलेगी। जॉइनिंग पर 2 वर्ष बोनस सेवा मिलती है, जो कुल को बढ़ा सकती है।
वर्तमान सीमाएं और हायर पेंशन विकल्प
2014 से वेतन कैप ₹15,000 है (पहले ₹6,500), इसलिए अधिकतम ₹7,500। पुरानी सेवा (2014 से पहले) पुरानी कैप पर, नई नई पर कैलकुलेट होती है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हायर पेंशन स्कीम चुन सकते हैं, जहां वास्तविक सैलरी (₹15,000 से ऊपर) पर पेंशन बनेगी, लेकिन अतिरिक्त योगदान जरूरी। न्यूनतम पेंशन ₹1,000 है, हालांकि रिपोर्ट्स में ₹2,500-₹5,000 बढ़ोतरी की चर्चा है।
₹30,000 कैप की उम्मीद
रिपोर्ट्स बताती हैं कि EPFO वेतन सीमा ₹15,000 से दोगुनी ₹30,000 कर सकता है। तब अधिकतम पेंशन (30,000 × 35) / 70 = ₹15,000 हो जाएगी। यह बदलाव लाखों पेंशनर्स को फायदा पहुंचाएगा, लेकिन अभी कन्फर्म नहीं। वेतन बढ़ने पर पेंशन रीकैलकुलेट होती है।
निवेशकों और कर्मचारियों के लिए सलाह
EPS PF से अलग है; PF पर 8.12% ब्याज मिलता है। लॉन्ग सर्विस जितनी ज्यादा, पेंशन उतनी मजबूत। EPFO की वेबसाइट पर कैलकुलेटर यूज करें। हायर पेंशन फॉर्म भरें अगर सैलरी कैप से ऊपर। महंगाई से पेंशन कम लगे तो NPS या अन्य स्कीम्स जोड़ें। यह योजना सुरक्षित रिटायरमेंट सुनिश्चित करती है, लेकिन कैप सीमा चुनौती। सरकार के अपडेट्स पर नजर रखें- आपकी मेहनत का फल ज्यादा हो सकता है।















