असंगठित क्षेत्र के करोड़ों मेहनतकश श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार ने ई-श्रम योजना के तहत फरवरी की ₹1000 की नई किस्त जारी कर दी है। यह भरण-पोषण भत्ता पात्र मजदूरों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर हो रहा है, जो महंगाई से जूझते परिवारों को बड़ी राहत दे रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार और पंजाब जैसे श्रमिक बहुल राज्यों में लाखों लाभार्थी इसका फायदा उठा रहे हैं।

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योजना का महत्व
ई-श्रम कार्ड योजना असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का कवच प्रदान करती है। 25 करोड़ से ज्यादा पंजीकृत श्रमिकों को मासिक ₹1000 के अलावा दुर्घटना बीमा, पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। पात्रता के लिए ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, e-KYC पूरा होना और बैंक खाता सक्रिय होना जरूरी है। हाल के अपडेट में केवल वे श्रमिक ही पैसे पा रहे हैं, जिनकी डीबीटी डिटेल्स सही हैं। यह योजना दिहाड़ी मजदूरों, ईंट भट्ठा कामगारों और निर्माण श्रमिकों के लिए वरदान साबित हो रही है।
लखनऊ के एक मजदूर राजू ने कहा, “दिहाड़ी न चलने पर घर का गुजारा मुश्किल था, लेकिन अब ₹1000 मासिक से बच्चों की पढ़ाई और राशन की चिंता कम हुई।” ऐसी हजारों कहानियां देशभर से आ रही हैं, जो योजना की सफलता बयां करती हैं।
पेमेंट स्टेटस चेक करने का आसान तरीका
घर बैठे मोबाइल से 1 मिनट में स्टेटस जांचें। सबसे पहले PFMS पोर्टल pmfs.nic.in पर जाएं और “Know Your Payment” विकल्प चुनें। बैंक अकाउंट नंबर व कैप्चा भरें, तुरंत स्टेटस दिखेगा। वैकल्पिक रूप से UMANG ऐप या ई-श्रम ऐप डाउनलोड करें, आधार या मोबाइल नंबर से लॉगिन करें और डैशबोर्ड में पेमेंट डिटेल्स देखें। बैंक पासबुक अपडेट कर “Govt of India” या PFMS SMS अलर्ट भी चेक करें। नए अपडेट में upssb.in पोर्टल पर “भरण पोषण भत्ता” सेक्शन से भी जानकारी लें।
पैसा न मिलने पर समाधान
अगर किस्त नहीं पहुंची, तो आधार-बैंक लिंकिंग, e-KYC स्टेटस या खाता डिटेल्स जांचें। eshram.gov.in पर प्रोफाइल अपडेट करें या नजदीकी CSC सेंटर जाएं। हर महीने 30 तारीख तक पेमेंट सुनिश्चित होता है, इसलिए देरी न करें। लुधियाना जैसे शहरों में CSC सेंटर्स पर तुरंत मदद मिल रही है।
भविष्य की किस्तें और सलाह
मार्च 2026 की अगली किस्त इसी तरह जारी होगी। योजना का लाभ लेने के लिए अभी कार्ड बनवाएं if not registered, eshram.gov.in पर तुरंत आवेदन करें। सरकार का लक्ष्य सभी असंगठित श्रमिकों को आर्थिक स्थिरता देना है। नियमित अपडेट रखें और परिवार का भविष्य सुरक्षित बनाएं। यह न केवल आर्थिक सहारा है, बल्कि श्रमिकों की गरिमा का प्रतीक भी।















