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PM Awas Gramin: अब हर गरीब का होगा अपना पक्का घर! आवास योजना की नई लिस्ट में नाम नहीं है तो ऐसे करें ताजा रजिस्ट्रेशन।

क्या आप पक्का घर बनाने की सोच रहें हैं लेकिन आर्थिक दिक्क्त के कारण यह सपना पूरा नहीं हो पा रहा है, तो चिंता न करें। आवास योजना में तुरंत ही ऑनलाइन आवेदन करना शुरू करें।

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ग्रामीण भारत में गरीबी की मार झेल रहे लाखों परिवारों के लिए एक नई सुबह का आगाज हो चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत केंद्र सरकार ने 2026 तक हर बेघर या कच्चे मकान वाले परिवार को पक्का घर देने का महायोजना तैयार की है। अगर नई लाभार्थी सूची में आपका नाम नहीं आया है, तो घबराएं नहीं ताजा रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सरल और तेज है। यह योजना न केवल आवास प्रदान कर रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

PM Awas Gramin: अब हर गरीब का होगा अपना पक्का घर! आवास योजना की नई लिस्ट में नाम नहीं है तो ऐसे करें ताजा रजिस्ट्रेशन।

योजना का व्यापक उद्देश्य और लक्ष्य

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की शुरुआत 2016 में हुई थी, जिसका मुख्य लक्ष्य 2024 तक ‘सबके लिए आवास’ सुनिश्चित करना था। लेकिन बढ़ते लाभार्थियों की मांग पर इसे 2029 तक बढ़ा दिया गया। अब तक 2.82 करोड़ से अधिक घर पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 3 करोड़ घरों का नया लक्ष्य निर्धारित है। प्रत्येक लाभार्थी को 1.20 लाख से 1.30 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलती है, जिसमें पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक राशि का प्रावधान है।

इसके अलावा, मनरेगा के तहत 90-95 दिनों की मजदूरी और स्वच्छ भारत मिशन से 12,000 रुपये शौचालय निर्माण के लिए अलग से मिलते हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से राशि सीधे बैंक खाते में पहुंचती है, जिससे भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं बचती। पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्यों में यह योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।

पात्रता मानदंड में सकारात्मक बदलाव

पात्रता के नए नियमों ने लाखों परिवारों को योजना से जोड़ दिया है। अब ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होने के साथ-साथ बीपीएल परिवार या मासिक आय 15,000 रुपये तक वाले योग्य हैं। पहले मोटरसाइकिल, फ्रिज या 50,000 रुपये से कम का केसीसी लोन होने पर अयोग्य ठहराया जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं। बेघर, कच्चे या जीर्ण-शीर्ण मकान वाले परिवार प्राथमिकता में हैं। सोसियो-इकोनॉमिक कास्ट सेंसस (SECC) 2011 डेटा के आधार पर चयन होता है, लेकिन ग्राम सभा की सिफारिश से नाम जुड़ सकते हैं। आधार कार्ड, बैंक खाता और मालिकाना हक प्रमाण अनिवार्य हैं। महिलाओं के नाम पर घर बनाने को प्राथमिकता दी जाती है, जो लिंग समानता को बढ़ावा देता है।

लाभार्थी सूची जांचें और नया रजिस्ट्रेशन करें

नई सूची जांचने के लिए pmawasgraminlist.gov.in वेबसाइट पर जाएं। राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनकर रजिस्ट्रेशन नंबर, आधार या मोबाइल नंबर से सर्च करें। नाम न मिले तो ‘एडवांस सर्च’ विकल्प का उपयोग करें। ताजा रजिस्ट्रेशन के लिए नजदीकी ग्राम पंचायत या awaassoft.nic.in पर आवेदन करें। आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार, बैंक पासबुक, फोटो और मालिकाना हक जमा करें। रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने के बाद ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) सत्यापन करेगा। स्वीकृति पर पहली किश्त तुरंत जारी हो जाती है। AwaasSoft ऐप से निर्माण की प्रगति जीपीएस ट्रैकिंग से मोबाइल पर देखी जा सकती है।

ग्रामीण विकास की नई गति

पंजाब के लुधियाना जैसे जिलों में हजारों परिवारों ने पक्के घर पाकर जीवन बदला है। यह योजना स्वच्छता, बिजली और जल संरक्षण से जुड़ी है, जो समग्र ग्रामीण उत्थान सुनिश्चित करती है। सरकार ने 2026 की नई सूची जारी कर दी है, इसलिए छूटे हुए परिवार जल्द आवेदन करें। समय रहते कदम उठाएं, क्योंकि पक्का घर न केवल आश्रय है, बल्कि आत्मसम्मान का प्रतीक भी। ग्रामीण भारत अब मजबूती से खड़ा हो रहा है!

PM Awas Gramin
Author
info@divcomkonkan.in

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