कर्नाटक सरकार की गृह लक्ष्मी योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की एक मिसाल बन चुकी है। इस योजना के तहत योग्य परिवार की महिला मुखिया को हर महीने 2000 रुपये सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं। 2023 में शुरू हुई यह पहल अब लाखों महिलाओं की जिंदगी बदल चुकी है। 2026 तक पहुंचते-पहुंचते योजना ने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन इसका मूल मकसद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना ही बना हुआ है।

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योजना का उद्देश्य और लाभ
गृह लक्ष्मी योजना का मुख्य लक्ष्य गृहिणियों, भूमिहीन महिलाओं और कृषि मजदूरों को आर्थिक सहारा देना है। अंत्योदय, बीपीएल और एपीएल राशन कार्ड धारक परिवारों की एकमात्र महिला मुखिया इसकी हकदार होती है। योजना डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए काम करती है, जिसमें आधार से लिंक्ड बैंक खाते में पैसे आते हैं। अब तक 1.2 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को 23 से अधिक किस्तें मिल चुकी हैं, जिससे कुल 5500 करोड़ रुपये से ज्यादा वितरित हो चुके हैं। यह राशि महिलाओं को दैनिक खर्चों, बच्चों की पढ़ाई और छोटे-मोटे कारोबार में मदद करती है। कर्नाटक में ग्रामीण इलाकों की महिलाएं इस योजना से सबसे ज्यादा लाभान्वित हो रही हैं, जहां आर्थिक तंगी आम है।
पात्रता के मानदंड
इस योजना के लिए कर्नाटक की स्थायी निवासी होना जरूरी है। राशन कार्ड में नाम महिला मुखिया के रूप में दर्ज होना चाहिए। परिवार की सालाना आय 2 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। आयकर दाता, सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी या जमीन के मालिक परिवार इस योजना से वंचित रहते हैं। पति या परिवार का कोई अन्य सदस्य अगर आयकर फाइल करता है, तो भी अयोग्यता लागू होती है। विधवाओं, तलाकशुदा और अकेली महिलाओं को प्राथमिकता मिलती है। हाल ही में सरकार ने अयोग्य लाभार्थियों की संख्या घटाने के लिए सत्यापन अभियान चलाया, जिसमें 2 लाख से ज्यादा नाम कट गए।
आवेदन प्रक्रिया क्या है?
आवेदन करना बेहद आसान है। सेवा सिंधु पोर्टल, ग्राम पंचायत, तालुक कार्यालय या बेंगलुरु वन केंद्र पर जाकर फॉर्म भरें। जरूरी दस्तावेजों में आधार कार्ड, राशन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और बैंक पासबुक शामिल हैं। कोई निश्चित अंतिम तिथि नहीं है, आवेदन साल भर स्वीकार किए जाते हैं। दरवाजा-दरवाजा सर्वे के जरिए भी पात्र महिलाओं को शामिल किया जाता है। एक बार आवेदन स्वीकृत होने पर स्वचालित रूप से हर महीने पैसे आने लगते हैं।
पेमेंट स्टेटस चेक करने का आसान तरीका
अपना पेमेंट स्टेटस जानने के लिए ‘कर्नाटक डीबीटी’ ऐप डाउनलोड करें। ऐप में आधार नंबर से रजिस्टर करें, ओटीपी वेरिफाई करें और 4 अंकीय एम-पिन बनाएं। लॉगिन करने के बाद ‘पेमेंट स्टेटस’ विकल्प चुनें और ‘गृह लक्ष्मी’ पर क्लिक करें। सभी किस्तों का विवरण तुरंत दिख जाएगा। अगर आधार-बैंक सीडिंग एक्टिव नहीं है, तो नजदीकी बैंक जाकर अपडेट कराएं। हालिया 20वीं किस्त जून 2025 में जारी हुई थी, जो 7-15 दिनों में खाते में आ जाती है। देरी होने पर 2-7 दिन इंतजार करें या हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
2026 में चुनौतियां और भविष्य
2026 में योजना को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। फरवरी-मार्च 2025 की 24वीं किस्त वित्त विभाग की चूक से लेट हो गई। मृत लाभार्थियों के खाते में अभी भी पैसे जा रहे थे, जिसे ठीक करने के लिए ‘प्रूफ ऑफ लाइफ’ सत्यापन शुरू हुआ। 1.5 लाख मृतकों के नाम हटाए गए। मुख्यमंत्री सिद्धरामैया ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पूंजी प्रमाण-पत्र अनिवार्य करने का ऐलान किया। विपक्ष योजना पर सवाल उठा रहा है, लेकिन महिलाओं का समर्थन मजबूत है। भविष्य में योजना का विस्तार हो सकता है, जिसमें राशि बढ़ाने या अन्य राज्यों में विस्तार की चर्चा है।
यह योजना न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास का इंजेक्शन भी है। पात्र महिलाएं तुरंत आवेदन करें और योजना का लाभ उठाएं। पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान से यह महिलाओं की जिंदगी में स्थायी बदलाव ला सकती है।















