ग्रामीण भारत के लाखों परिवारों को अब साफ पानी की तलाश में दूरदराज न जाना पड़ेगा। केंद्र सरकार की फ्री घरेलू हैंडपंप योजना ने पानी की इस पुरानी समस्या पर करारा प्रहार किया है। जल जीवन मिशन के तहत जल शक्ति मंत्रालय गरीब परिवारों को 10,000 से 15,000 रुपये तक की सीधी सब्सिडी दे रहा है।
यह राशि बैंक खाते में डीबीटी से आती है, ताकि कोई बिचौलिया न घूमे। खासकर बीपीएल राशन कार्ड धारकों, महिलाओं और ग्रामीण इलाकों के लिए यह वरदान साबित हो रही है। योजना से न सिर्फ रोजमर्रा की परेशानी कम होगी, बल्कि स्वास्थ्य भी बेहतर बनेगा।

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योजना का लक्ष्य और महत्व
गांवों में पानी की कमी आज भी बड़ी समस्या बनी हुई है। सुबह से शाम तक महिलाएं और बच्चे किलोमीटर चलकर कुआं या नाला भरते हैं। यह योजना इसी दर्द को समझते हुए लाई गई है। इसका मकसद हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल का स्तर अच्छा होने पर भी हैंडपंप न होने से लोग परेशान रहते हैं। सरकार ने इसे प्राथमिकता दी है, ताकि जल संरक्षण हो और बीमारियां कम हों।
विशेषज्ञ बताते हैं कि स्वच्छ पानी से डायरिया और पेट संबंधी रोगों में भारी कमी आ सकती है। पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में यह योजना तेजी से लागू हो रही है।
लाभार्थियों के लिए क्या खास
इस योजना में सब्सिडी मिलने पर हैंडपंप 15 से 30 दिनों के अंदर लग जाता है। एससी, एसटी परिवारों और महिला मुखिया वालों को अतिरिक्त छूट दी जाती है। नरेगा या पेंशन लाभार्थी भी तेजी से लाभ ले सकते हैं। कुल मिलाकर एक साधारण परिवार का 1 लाख तक का खर्च सरकार उठा लेती है। इससे न सिर्फ पानी की उपलब्धता बढ़ती है, बल्कि समय की भी बचत होती है।
किसान भाई अपने खेतों के लिए भी इसका फायदा उठा सकते हैं। योजना ग्रामीण आत्मनिर्भरता को मजबूत करती है और महिलाओं को घरेलू कामों के लिए ज्यादा वक्त देती है।
पात्रता के नियम सरल
यह लाभ सिर्फ उन परिवारों को मिलेगा जिनके घर में पहले से कोई हैंडपंप न लगा हो। बीपीएल राशन कार्ड होना जरूरी है। उम्र 18 साल से ज्यादा और परिवार का मुखिया आवेदन कर सकता है। सरकारी नौकरी या आयकर न भरने वाले प्राथमिकता में हैं। ग्राम पंचायत से पानी की कमी का सर्टिफिकेट लेना होगा। फर्जीवाड़े से बचें, वरना आवेदन रद्द हो सकता है। आय प्रमाण पत्र वैकल्पिक है, लेकिन आधार कार्ड अनिवार्य।
आवेदन की आसान प्रक्रिया
ऑनलाइन तरीका सबसे तेज है। राज्य के जल शक्ति विभाग की वेबसाइट पर जाकर फॉर्म डाउनलोड करें। नाम, पता, बैंक विवरण भरें और दस्तावेज अपलोड कर दें। सबमिट करने पर रसीद नंबर मिलेगा, उसी से स्टेटस चेक करें। ऑफलाइन के लिए नजदीकी पंचायत या ब्लॉक कार्यालय जाएं। हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके मार्गदर्शन लें। स्वीकृति मिलने के 45 दिनों में काम शुरू हो जाता है। जल्दी आवेदन करें, क्योंकि कोटा सीमित है।
दस्तावेज तैयार रखें
आवेदन से पहले ये कागज इकट्ठा कर लें। आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी। घर या मुखिया की फोटो, निवास प्रमाण पत्र। सब कुछ स्कैन करके रखें। ग्राम पंचायत से पानी कमी का प्रमाण पत्र सबसे महत्वपूर्ण है। बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए।
विशेषज्ञों की सलाह और आह्वान
कृषि विशेषज्ञ सुरेश यादव कहते हैं कि यह योजना सूखाग्रस्त इलाकों के लिए रामबाण है। किसान नेता राधा देवी ने बताया कि उनके गांव में 50 से ज्यादा परिवार लाभान्वित हुए। पानी भरने की लड़ाई अब इतिहास बन गई। लेकिन सावधानी बरतें, फर्जी वेबसाइटों से दूर रहें। केवल सरकारी पोर्टल इस्तेमाल करें। ग्रामीण भाइयों बहनों, अगर आप योग्य हैं तो आज ही फॉर्म भरें। यह छोटा सा कदम आपके परिवार की जिंदगी बदल देगा। सरकार आपके साथ है, पानी की टेंशन अब भूल जाइए।















