डिजिटल इंडिया अभियान ने वाहन मालिकों की जिंदगी में एक नई क्रांति ला दी है। अब आरटीओ के लंबे-चौड़े चक्कर लगाने की पुरानी मजबूरी खत्म हो गई। स्मार्टफोन से ही अपनी गाड़ी की मूल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) डाउनलोड करें और ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग में बेझिझक दिखाएं। यह डिजिटल RC पूरी तरह वैध है, जिससे चालान का कोई डर नहीं।

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डिजिटल RC की शुरुआत
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने DigiLocker और Parivahan पोर्टल के जरिए यह सुविधा शुरू की। पहले RC खोने या भूल जाने पर घंटों लाइन में लगना पड़ता था, लेकिन अब सब कुछ ऑनलाइन। यह न केवल समय बचाता है, बल्कि कागजों की भरमार भी कम करता है। लाखों ड्राइवरों ने इसे अपनाया और आरटीओ विजिट न के बराबर हो गए।
क्यों अपनाएं डिजिटल RC?
हर वाहन मालिक के लिए RC साथ रखना कानूनी जरूरत है। ट्रैफिक पुलिस चेकिंग में OTP वेरिफिकेशन से यह तुरंत सत्यापित हो जाता है। खासकर पुरानी गाड़ियों के 15 साल के रिन्यूअल या लोन NOC हटाने में यह चमत्कारिक साबित हो रहा। शहरों में ट्रैफिक जाम और व्यस्त जीवनशैली में यह वरदान है।
Vahan पोर्टल से डाउनलोड करें!
सबसे पहले parivahan.gov.in पर जाएं। ऑनलाइन सर्विसेज चुनें और अपना राज्य सिलेक्ट करें। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा, उसे वेरीफाई करें। अब वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर डालें। ‘डाउनलोड डॉक्यूमेंट’ पर क्लिक करें, PDF तैयार। इसे फोन में सेव कर लें और कहीं भी इस्तेमाल करें। पूरी प्रक्रिया में बस 5 मिनट लगते हैं।
DigiLocker का आसान रास्ता
DigiLocker ऐप डाउनलोड करें या digilocker.gov.in खोलें। आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करें। होमपेज पर ‘इश्यूड डॉक्यूमेंट्स’ में सड़क परिवहन मंत्रालय का सेक्शन ढूंढें। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट चुनें, वाहन डिटेल्स भरें और ‘गेट डॉक्यूमेंट’ दबाएं। RC तुरंत डाउनलोड हो जाएगी। PDF कॉपी भी सेव कर लें, ताकि नेटवर्क प्रॉब्लम में परेशानी न हो।
mParivahan ऐप का विकल्प
mParivahan ऐप इंस्टॉल करें और राज्य चुनकर अकाउंट बनाएं। नाम, मोबाइल और ईमेल भरें, 6 अंकों का पिन सेट करें। होमपेज पर ‘माय वर्चुअल RC’ टैप करें। वाहन नंबर, चेसिस के आखिरी 5 अंक और इंजन नंबर डालें। ‘एड माय व्हीकल’ पर क्लिक करें। अब ‘वर्चुअल डॉक्यूमेंट्स’ में RC मिलेगा, सीधे दिखा सकते हैं।
फायदे और जरूरी सलाह
इससे न केवल पैसे बचते हैं, बल्कि पर्यावरण भी सुरक्षित होता है। लोन चुकाने के बाद बैंक नाम RC से हटवाना भी आसान। सावधानी बरतें- RC एक्सपायर न हो, वरना चालान कट सकता है। हमेशा लेटेस्ट वर्शन रखें और इंटरनेट कनेक्टेड फोन पर रखें। ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी मानते हैं कि डिजिटल RC 100 प्रतिशत वैध है। यह डिजिटल सुशासन की मिसाल है, जो आम आदमी को सशक्त बना रही।















