उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत ताजा राशन कार्ड पात्रता सूची जारी कर दी है। ई-KYC पूरी न करने वाले लाखों परिवारों के नाम काट दिए गए हैं, जिससे सिस्टम में पारदर्शिता आई है और फर्जी लाभार्थियों पर लगाम लगी है। यह कदम करोड़ों जरूरतमंदों को सस्ता अनाज सुनिश्चित करेगा, लेकिन जिनका नाम गायब है, उन्हें तुरंत कार्रवाई करनी होगी।

Table of Contents
नाम कटने की मुख्य वजहें
सरकार ने बायोमेट्रिक सत्यापन को अनिवार्य बनाया है, क्योंकि बिना ई-KYC वाले कार्डों का दुरुपयोग आम हो गया था। रायबरेली जैसे जिलों में ही 1.27 लाख यूनिट प्रभावित हुई हैं, जबकि पूरे राज्य में करोड़ों नामों की जांच हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में सालाना आय दो लाख और शहरी इलाकों में तीन लाख से अधिक वाले परिवार बाहर हो गए। इसका मकसद सही जरूरतमंदों तक गेहूं-चावल पहुंचाना है, जो प्रति व्यक्ति पांच किलो मासिक सब्सिडी पर मिलता है।
अपना नाम स्टेप-बाय-स्टेप कैसे चेक करें?
सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट fcs.up.gov.in या nfsa.gov.in पर जाएं। होमपेज पर “राशन कार्ड की पात्रता सूची” लिंक पर क्लिक करें। उत्तर प्रदेश चुनने के बाद अपना जिला, तहसील या ब्लॉक, ग्राम पंचायत या वार्ड और FPS दुकान नंबर सिलेक्ट करें। पीडीएफ फाइल डाउनलोड हो जाएगी, जिसमें Ctrl+F से नाम सर्च करें। सूची में मुखिया का नाम, पिता-पति का नाम, यूनिट नंबर और जारी तारीख दर्ज रहती है। मोबाइल ऐप से भी दो मिनट में जांच हो जाती है। नाम न मिलने पर हेल्पलाइन 1967 डायल करें।
ई-KYC क्यों जरूरी, कैसे पूरी करें
ई-KYC आधार लिंकिंग और उंगलियों के निशान से होता है, जो नजदीकी राशन दुकान पर मुफ्त उपलब्ध है। नवंबर 2025 तक समयसीमा थी, लेकिन देरी करने वालों का नाम स्थायी रूप से कट सकता है। यह प्रक्रिया हर पांच साल में अनिवार्य है, ताकि डुप्लिकेट कार्ड रद्द हो सकें। बिना इसके अगले महीने का कोटा छूटने का खतरा है, जिसमें चावल, गेहूं के अलावा चीनी-केरोसिन भी शामिल हैं।
नाम कटने पर तुरंत उपाय
अगर नाम गायब है, तो ऑनलाइन नया आवेदन भरें। आधार कार्ड, फोटो, आय प्रमाण-पत्र और निवास प्रमाण संलग्न करें। आवेदन के बाद राशन आईडी से स्थिति ट्रैक करें या स्थानीय खाद्य कार्यालय जाएं। अंत्योदय, बीपीएल या एपीएल कार्ड के लिए पात्रता जांचें- गरीब परिवारों को प्राथमिकता मिलती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि 7 फरवरी तक चेक कर लें, वरना फरवरी का राशन मिस हो सकता है। फर्जी वेबसाइटों से बचें, सिर्फ सरकारी पोर्टल इस्तेमाल करें।
योजना के व्यापक लाभ
यह अपडेट गरीबी उन्मूलन में मील का पत्थर है। उत्तर प्रदेश के करोड़ों परिवार सस्ते अनाज से पोषण सुधार पा रहे हैं। महिलाओं और बच्चों को विशेष ध्यान दिया गया है। नियमित चेक से लाखों को फायदा होगा, बशर्ते लोग सतर्क रहें। सरकार डिजिटल सुविधाओं से प्रक्रिया आसान बना रही है।















