लंदन की एक नीलामी ने पूरे देश में सनसनी फैला दी है। यहां मात्र 100 रुपये का एक पुराना नोट 56 लाख 49 हजार 650 रुपये में बिक गया। यह कोई साधारण नोट नहीं, बल्कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किया गया विशेष हज नोट है। अगर आपके घर में दादा-दादी के पुराने संग्रह में ऐसा नोट मिल जाए, तो आपकी किस्मत रातोंरात बदल सकती है।

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हज नोट की अनोखी कहानी
1950 के दशक में भारतीय रिजर्व बैंक ने हज यात्रियों की सुविधा के लिए ये विशेष नोट छापे थे। पहली बार 1959 में जारी हुए इन नोटों का इस्तेमाल भारत से सऊदी अरब जाने वाले हज यात्रियों के लिए किया जाता था। दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों पर हज कमेटी के अधिकारी यात्रियों को जहाज चढ़ने से पहले ये नोट सौंपते थे। इनका रंग लाल था, जो सामान्य नोटों से बिल्कुल अलग दिखता था। नोट पर हिंदी और अंग्रेजी में हज लिखा होता था, जबकि सीरियल नंबर HA से शुरू होता था।
ये नोट भारत में वैध मुद्रा नहीं माने जाते थे। खाड़ी देशों जैसे यूएई, कतर और बहरीन में हज यात्रा के दौरान इन्हें आसानी से सऊदी रियाल में बदला जा सकता था। इसका मुख्य उद्देश्य सोने की अवैध खरीदारी रोकना था। हज यात्रियों द्वारा खाड़ी देशों में भारतीय रुपये के बदले सोना खरीदने की समस्या बढ़ रही थी, इसलिए ये अलग पहचान वाले नोट जारी किए गए। 10 रुपये का नोट नीला और 100 रुपये का लाल रंग का होता था। 1970 के दशक के मध्य तक इनका चलन रहा, उसके बाद इन्हें बंद कर दिया गया।
नीलामी में क्यों चली इतनी बोली?
इस नीलामी में बिके नोट का सीरियल नंबर HA 078400 था। इसकी परफेक्ट कंडीशन और बेहद सीमित उपलब्धता ने कलेक्टर्स को दीवाना बना दिया। ये नोट अब सिर्फ मुद्रा नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर हैं। सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लाखों लोग अपने पुराने नोट खंगालने लगे। विशेषज्ञ बताते हैं कि ऐसी दुर्लभ मुद्राओं का मूल्य आर्थिक से कहीं ज्यादा सांस्कृतिक होता है। उसी नीलामी में 1918 के दो 10 रुपये के नोट भी बिके, एक 6.90 लाख और दूसरा 5.80 लाख में। ये प्रथम विश्व युद्ध से जुड़े ब्रिटिश जहाज से संबंधित थे।
कैसे पहचानें और बेचें अपना नोट?
अगर आपके पास हज नोट है, तो पहले इसकी जांच करें। HA प्रीफिक्स, हज स्टैंप और 1950-70 के दशक का इश्यू ईयर मुख्य पहचान हैं। नोट बिना फटे या खरोंच के होना चाहिए। वैल्यूएशन के लिए भारतीय रिजर्व बैंक या नोट प्रमोशन कंपनियों से संपर्क करें। फिर स्पिंक ऑक्शंस या ईबे जैसी अंतरराष्ट्रीय नीलामी साइट्स पर बेच सकते हैं। ऐसे संग्रह अब निवेश का लोकप्रिय तरीका बन चुके हैं।
पुराने नोट संभालकर रखें, ये सोने से कम नहीं। अपने अलमारियों, लॉकरों और परिवार के संग्रह की तलाशी लें। शायद आपका छोटा सा नोट बड़ा खजाना साबित हो जाए। यह खबर न सिर्फ उत्साह बढ़ाती है, बल्कि हमारी मुद्रा के गौरवशाली इतिहास को भी उजागर करती है।















